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सेटेलाइट से निगरानी फिर भी जला दी गई पराली और कूड़ा

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माधौ नगर गांव के सामने जलाई गई पराली - फोटो : KANNAUJ
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कन्नौज/तालग्राम। कोर्ट की सख्ती के बाद भी पराली और कूड़ा जलाने की घटनाएं थम नहीं रही हैं। सेटेलाइट से निगरानी होने और ग्राम पंचायत स्तर पर अधिकारियों को निगरानी पर लगाने के बाद भी तालग्राम ब्लाक क्षेत्र में दो स्थानों पर रातोंरात करीब 60 बीघा की पराली जला दी गई। शहर में तो दिन में ही नवीन मंडी के कर्मचारियों ने कूड़े में आग लगा दी। जीटी रोड किनारे कूड़ा धू-धूकर जला रहा, जिससे राहगीरों को आवागमन में भारी परेशानी हुई। आबोहवा में जहर घोलने की इन घटनाओं में फिलहाल अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। उधर, इंदरगढ़ थाने में पराली जलाने के एक अन्य मामले में दो के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है।
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तालग्राम के कुशलपुरवा-महानगर गांव के बीच खेत पर देर रात किसी ने करीब 25-30 बीघा में हुई धान की फसल के बाद बचे अवशेष (पराली) को आगे के हवाले कर दिया। सुबह जब ग्रामीण खेतों की तरफ गए तो खेत के एक हिस्से पर राख फैली देखी। बुधवार शाम छिबरामऊ के नायब तहसीलदार सौरभ यादव, कानूनगो नरेंद्र सिंह, अमीन आमोद कुमार, लेखपाल सुरेंद्र सिंह ने बिरौली गांव में छापा मारा। यहां एक किसान को पराली जलाते पकड़ लिया। इसके बाद टीम ने आसपास के क्षेत्रों में छापेमारी कर ऐसे किसानों को तलाश किया। नायब तहसीलदार ने बताया कि उच्चाधिकारियों के निर्देश पर पराली जलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
इसी तरह माधौनगर गांव के पास भी एक खेत में पराली जलाने की घटना सामने आई है। यहां भी करीब 30 बीघा खेत में हुई धान की फसल के अवशेष जलाए गए। मामले को दबाने के लिए सुबह ट्रैक्टर से खेत की मिट्टी को पलटाया भी गया। लेकिन फिर भी पराली जलाने के अंश खेत में साफ दिख रहे थे।
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इन दो घटनाओं से अधिकारियों की सक्रियता और दिल्ली में बैठककर सेटेलाइट से हो रही निगरानी की हकीकत भी खुलकर सामने आ गई। उधर, डीपीआरओ जितेंद्र कुमार मिश्रा ने बुधवार को फिर ग्राम पंचायत अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वह अपने-अपने क्षेत्रों की निगरानी पूरी ईमानदारी से करें और जो भी व्यक्ति पराली या फिर कूड़ा-करकट जलाते मिले उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराकर पांच हजार रुपये जुर्माना वसूला जाए।
डीएम रवींद्र कुमार ने बुधवार को कलक्ट्रेट में अधिकारियों के साथ बैठककर सभी उपजिलाधिकारी, अधिशासी अधिकारियों, जिला कृषि अधिकारी, उपनिदेशक कृषि और अन्य अधिकारियों को निर्देश दिए कि वायु प्रदूषण की रोकथाम के लिए शहरी कूड़े का डंपिंग ग्राउंड में निस्तारण करें। कूड़ा जलाने की प्रथा पूरी तरह से बंद की जाए। किसानों द्वारा फसल अपशिष्ट को जलाने से रोका जाए। तहसीलदार, उपजिलाधिकारी और अन्य संबंधित अधिकारी किसानों को प्रेरित करें। पराली जलाने से होने वाले वायु प्रदूषण के संबंध में गोष्ठियां आदि के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार कराकर जनता को जागरूक किया जाए।
उपजिलाधिकारी तिर्वा जयकरन ने बैठक के दौरान डीएम रवींद्र कुमार को जानकारी दी कि मालती पत्नी रामतेज प्रताप की लगभग 15 बीघा भूमि पर रघुवीर पुत्र रामस्वरूप निवासी कचाटीपुर ने बटाई पर धान बोया था। धान की कटाई हार्वेस्टर से कराने के बाद अवशेष को रघुवीर पुत्र रामस्वरूप और सूरज ने खेत पर जला दिया। कानूनगो तिर्वा हिमांशु ने मना किया तो यह दोनों विवाद करने पर आमादा हो गए और कोर्ट के आदेशों की अवहेलना कर सरकारी कर्मचारी से विवाद किया। इस पर कानूनगो की तहरीर पर उक्त दोनों के खिलाफ इंदरगढ़ थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है।
वायु प्रदूषण के कारण छाई धुंध लोगों को परेशान कर रही है लेकिन इसके बाद भी सरकारी कर्मचारी ही नहीं सुधर रहे हैं। मुख्यालय की नवीन मंडी से निकले कूड़े को कर्मचारियों ने मंडी गेट के पास ही जला दिया। काफी देर तक कूड़ा जलता रहा और राहगीर परेशान होते रहे। धुआं बहलही गांव में भी फैला रहा। मंडी के प्रभारी सचिव कृष्ण मुरारी राठौर का कहना है कि वह कार्यालय में काम करते रहे, इसलिए जानकारी नहीं हो सकी। किसी ने बीड़ी पी कर डाली होगी, जिससे आग लग गई।
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