सपा कार्यालय पर आचार्य नरेंद्र देव और सरदार बल्लभ
भाई पटेल की 140वीं जयंती मनाई गई। इस दौरान पदाधिकारियों ने उनके चित्र पर
पुष्प अर्पित कर उनके सिद्धांतों पर चलने का संकल्प लिया।
सदर विधायक
अनिल दोहरे ने कहा कि उनका सपना था कि भारत को बुलंदियों पर पहुंचाया जाए।
इसके लिए उन्होंने तमाम महत्वपूर्ण कार्य किए। उनका सपना था कि देश में
ऊंच-नीच को त्याग कर एक अखंड भारत की संरचना करना था। पूर्व ब्लाक प्रमुख
नवाब सिंह यादव ने कहा कि सरदार पटेल का जन्म गुजरात के नाडियाज गांव में
31 अक्तूबर 1875 को कृषक परिवार में हुआ था। वह बचपन से ही प्रतिभाशाली
व्यक्तित्व के थे।
उन्होंने लंदन से बैरिस्टर की पढ़ाई करके वकालत की।
आजादी के बाद वह देश के उप प्रधानमंत्री और गृहमंत्री बने। उनके कार्यकाल
में कई छोटी रियासतों का विलय भारत देश में हुआ। जिलाध्यक्ष मुन्ना
दरोगा ने कहा कि सरदार पटेल दृढ़ संकल्पित व्यक्ति थे। वह जो ठान लेते थे,
उसको पूरा करने का जज्बा रखते थे। इस कारण उनको लौह पुरुष कहा जाता है।
उनके जीवन से हम काफी कुछ सीखने की प्रेरणा मिलती है। देश की एकता के लिए
प्रधानमंत्री जैसे पद को उन्होंने अस्वीकार कर दिया। इस मौके पर संजू
कटियार, सतेंद्र यादव, अमित मिश्रा, संजय दुबे, कैश खां, भोले कुरैशी,
संतोष शर्मा, कुट्टू पांडेय, अन्नू तिवारी, राजेश पाल, सुरेंद्र यादव,
मोबिन अहमद, धर्मवीर, संभव जैन, संजीव मिश्र, वीरपाल यादव आदि मौजूद थे।