कन्नौज। जल निगम की प्रयोगशाला में 26 हैंडपंपों के पानी के नमूने जांच में फेल पाए गए हैं। ये नमूने प्राथमिक विद्यालय परिसर से लेकर पंचायत भवन तक में लगे हैंडपंपों से लिए गए थे। पानी में टर्बिडिटी, टीडीएस और हार्डनेस निर्धारित मानक से कहीं अधिक मिली है। इन हैंडपंपों के पानी के इस्तेमाल पर तत्काल रोक लगा दी गई है।
केंद्र सरकार के स्वच्छता एवं पेयजल मंत्रालय की ओर से हर माह पानी के 300 नमूनों की जांच कराई जाती है। आमतौर पर ग्रामीण इलाकों में स्थित सरकारी हैंडपंपों के साथ ही पानी के अन्य स्रोतों से भी नमूने लेकर गुणवत्ता की जांच होती है। जिन इलाकों से पानी के नमूने लिए जाने हैं, उसकी सूची सीधे केंद्र सरकार से ही भेजी जाती है। इसके बाद नमूने एकत्र कर जल निगम की प्रयोगशाला में जांच होती है।
कन्नौज में अप्रैल, मई और जून में लिए गए 300 नमूनों में से 26 फेल हो गए हैं। इनमें से 21 नमूनों में गंदापन (टर्बिडिटी) पाया गया है। इसके अलावा चार नमूनों में भारी तत्वों (हार्डनेस) की अधिकता निर्धारित मानक से कहीं अधिक मिली है। एक नमूने में क्षारीय अम्ल (टीडीएस) मानक से अधिक मिला है।
खास बात यह है कि जो नमूने फेल हुए हैं उनमें गुगरापुर विकास खंड के भावरगढ़ में स्थित प्राथमिक पाठशाला, छिबरामऊ के खुबरियापुर स्थित जूनियर हाईस्कूल, रामपुर निगोह मांटेसरी स्कूल और सौरिख के बीरपुर स्थित प्राथमिक विद्यालय में लगे सरकारी हैंडपंप से लिया गया था।
वर्जन
जांच की प्रक्रिया निरंतर जारी रहती है। जिन स्रोतों के पानी के नमूने जांच में फेल हो जाते हैं, उनके पानी के इस्तेमाल पर रोक लगा दी जाती है। जहां-जहां नमूने फेल हुए हैं, उन हैंडपंपों के इस्तेमाल पर रोक लगा दी गई है। राकेश कुमार, सहायक अभियंता, जलनिगम
छिबरामऊ ब्लॉक के उच्च प्राथमिक स्कूल खुबरियापुर में लगा हैंडपंप।संवाद- फोटो : KANNAUJ