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पिता-पुत्र को तीन साल की कैद

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कन्नौज। दलित किसान को पीटकर घायल करने के मामले में दोषी पाए गए पिता-पुत्र को तीन साल कैद की सजा सुनाई गई। सजा के साथ न्यायालय विशेष न्यायधीश एससी-एसटी ने अर्थदंड भी लगाया है।
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सदर कोतवाली के गांव सारोतोप निवासी किसान रंकज दिवाकर के सूरजमुखी के खेत में एक अप्रैल 2015 को सारोतोप गांव निवासी अख्त्यार और उसके बेटे जुम्मू अली ने अपने जानवर छोड़ दिए। जानवरों ने फसल नष्ट कर दी थी। विरोध करने पर पिता और पुत्र ने किसान रंकज दिवाकर के सथ मारपीट की। इसके बाद जातिसूचक गालियां देते हुए धारदार हथियार से घायल कर दिया था। पीड़ित ने आरोपियों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
गुरुवार को विशेष न्यायाधीश (एससी-एसटी एक्ट) आनंद प्रकाश द्वितीय ने अख्त्यार और उसके बेटे जुम्मू अली को तीन साल की कैद और तीन हजार रुपये का अर्थदंड सुनाया।शासकीय अधिवक्ता सुधीर कुमार पांडेय ने बताया कि अर्थदंड अदा न करने पर दोनों को छह माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।
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एससी-एसटी एक्ट का दोषी जुम्मू अली मौजूदा समय जेल में बंद है। गांव के पूर्व प्रधान नूरआलम के पिता नफीस को 27 नवंबर 2021 को मस्जिद जाते समय जुम्मू और उसके साथियों ने गोली मारकर हमला कर दिया था। इस मामले में जुम्मू पहले से जेल में है।
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