कन्नौज। जिला पुलिस ने साई वज्र अभियान के तहत शनिवार को पांच अंतरराज्यीय साइबर ठगों को गिरफ्तार कर एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इनमें से एक ठग ने वकील बनकर 50 लाख रुपये की ठगी के शिकार युवक से एक लाख रुपये और ठग लिए थे। इस मामले की जांच से ठगों की पूरी करतूत सामने आई।
साइबर थाना प्रभारी ध्यानेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि आंध्रप्रदेश निवासी अशोक रेड्डी ने 50 लाख रुपये की ठगी की ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया कि कोतवाली छिबरामऊ के उधन्नापुर घिलोई निवासी उज्जवल दुबे ने वकील बनकर उससे बात की और ठगी की रकम वापस दिलाने का भरोसा दिया। 18 मई को अशोक से 74,500 रुपये और 30,500 रुपये दो अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कराए गए। इस संबंध में उज्ज्वल दुबे और नितिन दुबे को गिरफ्तार किया गया। तालग्राम रोड पटेल नगर निवासी जितेंद्र सिंह के केनरा बैंक खाते से भी 1.40 लाख रुपये धोखाधड़ी कर निकाले गए थे।
उन्होंने बताया कि थाना सौरिख क्षेत्र के राहुल राजपूत के केनरा बैंक खाते से 50,500 रुपये में से 48,670 रुपये धोखाधड़ी से एटीएम के माध्यम से निकाले गए। जितेंद्र ने यह एटीएम कार्ड नादेमऊ के मलिकपुर गांव निवासी मनीष को दे रखा था। साइबर ठग सीधे-सादे लोगों को गुमराह करके उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाते थे। इन खातों में धोखाधड़ी की रकम मंगवाकर वे स्वयं एटीएम से निकाल लेते थे। पुलिस ने पांच मोबाइल और चार एटीएम कार्ड बरामद किए हैं। सर्विलांस सेल प्रभारी त्रदीप सिंह ने बताया कि उज्ज्वल ने अशोक रेड्डी से 74,500 रुपये अपने निजी खाते में डलवाए थे। आमतौर पर ठग अपने खातों में लेनदेन नहीं करते हैं। आंध्र प्रदेश से खाते की जानकारी मिलने पर पुलिस सक्रिय हुई और उज्ज्वल को गिरफ्तार कर लिया। उज्ज्वल दुबे को इस गिरोह का मास्टरमाइंड बताया गया है। पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार ने कहा कि साइबर ठगों के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त किया जाएगा।
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