तालग्राम(कन्नौज)। नौ किलोमीटर लंबा त्यौर बेहटा-खानपुर मार्ग की सड़क गड्ढों में तब्दील हो चुकी है। इस सड़क पर राहगीरों का पैदल चलना भी दूभर है। पुलिया क्षतिग्रस्त होने से आए दिन हादसे होते हैं। इससे लोगों में आक्रोश है।
सरकार सड़कों को गडढ़ामुक्त करने पर जोर दे रही है लेकिन तालग्राम व छिबरामऊ कस्बे को जोड़ने वाले इस मार्ग के हाल बेहाल हैं। त्यौर से खानपुर तक इस मार्ग पर अनगिनत छोट-बड़े गड्ढे हैं। इससे आने-जाने वाले वाहन चालकों को परेशानी होती है। बेहटा पुलिस चौकी के सामने बनी पुलिया क्षतिग्रस्त है।
भीकमपुर गांव में इस सड़क पर प्रधान दीप सिंह के दरवाजे से 100 मीटर पानी भरा है। मार्ग पर छोटे नगल, गढ़िया, मछरैया, भीकमपुर, सहनी, तिजू नगला, मेहंदेपुर, तिलकापुर, ककरइया, दुर्गा नगला, प्रान नगला, भइयन नगला, खजुरियन नगला, विषमां के लोगों का आना-जाना रहता है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार अधिकारियों से शिकायत कर चुके हैं। इसके बाद भी पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने इस सड़क को दुरस्त करने की जहमत नहीं उठाई है। इसका खामियाजा ग्रामीणों को उठाना पड़ रहा है।
उमादेवी ने बताया सड़क के गड्ढे न पाटे जाने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सड़क की हालत देख एंबुलेंस चालक भी आने जाने से कतराते रहते हैं। ऐसे में गर्भवती महिलाओं को प्रसव को अस्पताल पहुंचने में बहुत दिक्कतें आती है।
लाल सिंह ने बताया सड़क निर्माण के समय बनी पानी निकासी की पुलिया भी क्षतिग्रस्त हो गई है। बेहटा पुलिस चौकी के पास क्षति ग्रस्त पुलिया से आए दिन हादसे हो रहे हैं। ग्राम प्रधान महेंद्र सिंह सेंगर चार दिन पहले बाइक समेत गिरकर चुटहिल हो गए थे।
संजू शाक्य का कहना है त्यौर से वाया बेहटा खानपुर नौ किलोमीटर सड़क गड्ढों में तब्दील है। झाड़ियों के कारण फुटपाथ गायब हो गया है। गड्ढों के चलते बाइक चालक अक्सर चुटहिल हो रहे है। शिकायत के बाद भी जनप्रतिनिधि और अफसर अनजान बने हैं।
अमरदीप ने बताया किसानों को भी खाद-डीजल लेकर आने जाने में बदहाल सड़क से परेशानी हो रही है। शिकायत भी कर चुके हैं। इसके बावजूद कोई सुनने वाला नहीं है। लगता है अफसर किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहे हैं। इसके बाद ही इस मार्ग की हालत सुधरेगी।
उमा देवी- फोटो : KANNAUJ
लाल सिंह- फोटो : KANNAUJ
ंजू शाक्य- फोटो : KANNAUJ
अमर दीप सिंह- फोटो : KANNAUJ