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सांसद ने जिले में एथेनॉल प्लांट के लिए की पहल

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दिल्ली में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से वार्ता करते सांसद सुब्रत पाठक। - फोटो : KANNAUJ
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कन्नौज। जिले में एथेनॉल प्लांट के लिए भाजपा सांसद सुब्रत पाठक ने पहल की है। मंगलवार को उन्होंने दिल्ली में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात कर मजबूत पक्ष रखा। धान व मक्का की ज्यादा पैदावार का उल्लेख करते हुए कन्नौज में एथेनॉल प्लांट मंजूर करने का प्रस्ताव दिया। प्लांट शुरू होने से जिले के किसानों की आय दोगुनी हो जाएगी। खेती का रकबा बढ़ने के साथ ही रोजगार के मौके भी मुहैया होंगे।
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सांसद सुब्रत पाठक से फोन पर बताया कि मंगलवार शाम उन्होंने दिल्ली में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से इस संबंध में वार्ता की है। बताया कि कन्नौज कृषि प्रधान जनपद है। यहां बड़े पैमाने पर धान और मक्का की फसल होती है। जिले में प्लांट लगाकर एथेनॉल बनाया जा सकता है। केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयास से करीब 1200 करोड़ की लागत से एथेनॉल प्लांट लगाने को लेकर चर्चा की गई। प्लांट लगने के बाद रोजाना करीब 100 किलोलीटर एथेनॉल बनाया जा सकेगा। इस एथेनॉल को पेट्रोल में मिश्रित कर वाहनों को भी चलाया जाएगा। सांसद ने बताया कि केंद्रीय मंत्री ने आश्वासन दिया है कि उत्तर प्रदेश के लिए यह प्रोजेक्ट बेहतर साबित होगा। धान, गन्ना और मक्का से एथेनॉल बनाने के प्लांट से डीजल और पेट्रोल का विकल्प मिलेगा। प्लांट के शुरू होने से उत्तर प्रदेश में करीब 20 लाख लोगों को रोजगार मिल सकता है। जल्द ही प्रोजेक्ट की रूपरेखा तैयार कर ली जाएगी।
क्या है एथेनॉल
एथेनॉल एक तरह का अल्कोहल है। विशेषज्ञों के अनुसार इसे पेट्रोल में मिलाकर ईंधन की तरह इस्तेमाल किया जाता है। गन्ना मिल में इसे गन्ने से बनाया जाता है। देश में अब धान, मक्का और गेहूं के अलावा अन्य फसलों से बनाने की विधि शुरू हो गई है। ब्राजील में 40 फीसदी वाहन एथेनॉल से चलते हैं। भारत में विदेशी मुद्रा बचाने के लिए पेट्रोल में 10 से 15 फीसदी एथेनॉल का मिश्रण किया जाता है। अब सिर्फ एथेनॉल से चलने वाले वाहनों पर भी सरकार काम कर रही है।
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आसपास जनपदों के किसानों को भी फायदा
जिले के साथ-साथ पड़ोसी जनपद हरदोई, औरैया, इटावा, कानपुर देहात और फर्रुखाबाद में बड़े पैमाने पर किसान मक्का और धान की फसल करते हैं। इससे एथेनॉल प्लांट किसानों के लिए वरदान साबित होगा। किसानों की आय दोगुनी होगी। कृषि वैज्ञानिक अमर सिंह ने बताया कि चावल और मक्का के अलावा इन फसलों के डंठल और अपशिष्ट से भी एथेनॉल बनाया जाता है। कृषि अपशिष्टों से एथेनॉल बनने से पर्यावरण सुरक्षित होगा।
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जिले में फसलों का रकबा
गेहूं: 78706 हेक्टेयर
धान: 20566 हेक्टेयर
मक्का: 44130 हेक्टेयर
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