उप्र राज्य परिवहन निगम एक ओर विभाग को हाईटेक करने के प्रयास में लगा है। वहीं अधिकारियों की उपेक्षा से लाखों का बजट खर्च होने के बाद भी यात्रियों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। रोडवेज बस स्टेशन पर करीब एक साल पहले लगाई गई दोनों प्लाज्मा टीवी धूल खा रही हैं। वहीं जीपीआरएस सिस्टम भी चालू नहीं हो सका है।
यात्रियों के सफर को सुहाना बनाने के लिए एक साल पहले रोडवेज ने कवायद शुरू की गयी थी। इसमें बस स्टेशन परिसर में दो स्थानों पर प्लाज्मा टीवी को लगाया गया था। इनके जरिए बसों के आवागमन की जानकारी यात्रियों को डिजिटल तौर पर दी जानी थी।
यही नहीं कन्नौज डिपो की बसों की लोकेशन की जानकारी करने व यात्रियों को समय-सारणी की सटीक ब्यौरा देने के लिए रेलवे की तरह आटो एनाउंस सिस्टम लगाया गया था। डिपो की सभी बसों में जीपीआरएस सिस्टम से बस स्टेशन के कंट्रोल रूम व कार्यशाला के कंट्रोल रूम से जोड़ने की योजना बनाई गयी थी।
इसके लिए लाखों का बजट खर्च होने के बाद भी जीपीआरएस सिस्टम एक्टीवेट नहीं हो सका। जिम्मेदार अफसरों की लापरवाही के चलते यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं नहीं मिल पा रही है।
जबकि विभाग द्वारा हाईटेक सुविधाओं का लाभ प्रदान करने के लिए ढिंढोरा पीटा जा रहा है। बस स्टेशन कन्नौज पर विभाग की स्मार्टकार्ड योजना के तहत एक कार्ड, अनेक फायदे गिनाने वाले बैनर के नीचे एक साल से धूल खा रही प्लाज्मा टीवी भी देखी जा सकती है।
मुख्य द्वार पर जलभराव
बस स्टेशन गेट पर क्रास टूटा व जलभराव से यात्रियों को आवागमन में दिक्कतें होती हैं। वहीं चालकों को भी बसों का स्टेशन पर लाने व ले जाने में परेशानी उठानी पड़ती है। नाली का गंदा पानी मुख्य गेट पर भर जाने से बसों के निकलने पर बौछार उठती है। इससे पैदल गुजर रहे यात्रियों के कपड़े खराब हो जाते हैं। समस्या को दूर करने में विभागीय अफसर रुचि नहीं ले रहे हैं।
आधुनिक सुविधाओं के लिए उपकरण लगाने को विभाग द्वारा निजी संस्था को ठेका दिया गया है। जब तक सुविधाएं दुरुस्त नहीं हो जाती हैं, हैंडओवर नहीं किया जाएगा। ठेकेदार स्तर से लापरवाही बरती जा रही है। इसके लिए पत्राचार किया जा रहा है। नाली चोक होने से मुख्य गेट पर जलभराव हो रहा है। इसके लिए नगर पालिका से संपर्क किया गया है। जल्द समस्या से निजात दिलाई जाएगी।
...राकेश कुमार, सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक कन्नौज डिपो।