सुगंध नगरी में रफ्ता-रफ्ता अमन चैन लौटने लगा है। सोमवार की रात पूरी तरह शांति से बीती। मंगलवार को दिन में भी जनजीवन पटरी पर आता दिखा। अफसरों ने शहर के बाशिंदों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर शांति मार्च निकाला तो लोगों के मन में समाया खौफ कम होने लगा।
शहर का माहौल बिगड़ने से चार दिन तक घरों में कैद रहने व खिड़की, छज्जों से झांकने तक की मनाही का दौर झेलने वालों को बाहर निकलने की आजादी मिली तो खुशी से फूले नहीं समाए। वहीं, बीती रात व आज का दिन शांतिपूर्ण गुजरने पर प्रशासन ने भी राहत की सांस ली।
सरायमीरा में हालात पूरी तरह से सामान्य नजर आए। मार्केट खुला और गांव के लोगों का आवागमन भी होता रहा। तिर्वा क्रासिंग से नगर पालिका तक के मध्य भी तमाम पहले की तरह दुकानें खुलीं। गढै़या, ग्वालमैदान, फर्श रोड, अजयपाल रोड, सब्जी मंडी, फर्श रोड पर भी खाने पीने के सामान आदि की दुकानें खुलीं।
सर्राफा दुकानों पर जरूर ताले लटके रहे। उधर, तनाव को देखते हुए लाखन चौराहा, चिरैयागंज, कचहरीटोला, मकरंदनगर में बंदी का माहौल रहा। इन इलाकों में भी कुछ लोगों ने हिम्मत जुटाकर दुकानें खोलीं पर सुरक्षा के मद्देनजर कुछ देर बाद पुलिस कर्मियों ने उनकी दुकानें बंद करा दीं।
इन इलाकों में दिन भर बूटों की धमक गूंजती रही। एसडीएम सदर सुनील शुक्ला, अतिरिक्त मजिस्ट्रेट राजेश कुमार लाखन तिराहे पर मौजूद सुरक्षा की कमान संभाले रहे। खुफिया तंत्र के अफसर व दारोगा भी शहर का मिजाज लेने के लिए दौड़भाग करते रहे।
उधर सरायमीरा में भाजयुमो जिलाध्यक्ष सौरभ कटियार के आवास पर पुलिस ने दबिश दी। कई घंटे तक छानबीन के बाद पुलिस लौट गई।