कन्नौज। प्रतिबंध के बावजूद खेतों में पराली जलाने वाले किसानों से अब राजस्वकर्मी जुर्माना वसूल किया जाएगा। कई किसानों पर क्षेत्रीय लेखपाल ने जुर्माना लगाया है। संबंधित तहसील के एसडीएम की अगुवाई में जुर्माने की वसूली की जाएगी। जिले में अब तक 22 घटनाओं को सेटेलाइट के जरिए पकड़ा गया है। इनमें से सात घटनाओं के साक्ष्य मिले हैं। वहीं, तीन किसानों से 35 हजार रुपये जुर्माने की धनराशि वसूल की जाएगी।
किसानों ने 56 हजार हेक्टेयर में धान की बोआई की थी। अब किसान खेत में धान काट रहे हैं। कटाई के बाद कुछ किसान खेत में ही पराली जला रहे हैं। इस मामले में 22 किसानों को सेटेलाइट के माध्यम से टैग किया गया है। बीते वर्ष पराली जलाने के 15 मामले मिले थे। इन सभी पर जुर्माना लगाया गया था। शासन व प्रशासन की सख्ती और जागररूकता अभियान से पराली जलाने के मामले घट रहे हैं। फसल अवशेष को खेतों में जलाना दंडनीय अपराध है।
इसके लिए जनपद, तहसील एवं विकास खंड स्तर पर निगरानी सेल का गठन किया गया है। सेटेलाइट के जरिए जिले में तीन स्थानों पर पराली जलाने का मामला प्रकाश में आया है। संबंधित तीनों किसानों पर जुर्माना लगाया जाएगा। इनमें कुछ किसानों पर पांच-पांच हजार तो कुछ पर ढाई-ढाई हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। इससे भविष्य में पराली जलाने की पुनरावृत्ति न हो। इसके लिए डीएम आशुतोष मोहन अग्निहोत्री ने सभी तहसील के एसडीएम को संबंधित किसान से जुर्माना की राशि वसूलने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए कृषि उप निदेशक संतोष कुमार ने संबंधित तहसील के उपजिलाधिकारी को पत्र भेजकर जुर्माना राशि वसूलने का अनुरोध किया है। कृषि उप निदेशक ने कहा कि खेतों में फसल अवशेष न जलाएं। अगर किसी भी किसान के खेत में फसल अवशेष जलता हुआ पाया गया तो कार्रवाई होगी। जुर्माना वसूलने के लिए संबंधित तहसील एसडीएम को पत्र लिखा गया है।