छिबरामऊ। निजी विद्यालय की शिक्षिका का शव जाल में फंदे पर लटका हुआ मिला था। शिक्षिका की मां की तहरीर पर पुलिस ने अधिवक्ता के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी को हिरासत में ले लिया है। बताया जा रहा है कि रिपोर्ट दर्ज होने के बाद उसने खुद कोतवाली जाकर पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया।
ग्राम बहवलपुर निवासी अनुसूचित जाति की महिला ने बताया कि ग्राम खोजीपुर निवासी अधिवक्ता अनुराग त्रिपाठी ने दो साल पहले जमीन खरीदी थी। तभी से उसका घर पर आना जाना शुरू हो गया था। इसी बीच अनुराग 19 वर्षीय बेटी से फोन पर बात करने लगा और शादी का झांसा देकर उसका शारीरिक शोषण करता रहा। जानकारी होने पर कई बार बेटी से फोन पर बात करने से मना किया, लेकिन अनुराग ने फोन करना बंद नहीं किया। 22 अक्तूबर की सुबह उसने फोन कर बेटी से मर जाने की बात कही। उसके बाद आए दिन प्रताड़ना से परेशान होकर बेटी ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली।
कोतवाल सचिन कुमार सिंह ने बताया कि शिक्षिका की मां की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। आरोपी अनुराग पूर्व में भाजपा का पदाधिकारी रह चुका है। नगर अध्यक्ष आलोक गुप्ता ने बताया कि अनुराग पर इस समय कमेटी में कोई पद नहीं है।
कोतवाली में लगी रही अधिवक्ताओं की भीड़
शिक्षिका की मौत के मामले में अधिवक्ता अनुराग पर आरोप लगने की जानकारी होते ही बड़ी संख्या में अधिवक्ता कोतवाली पहुंच गए। देर रात तक समझाने बुझाने का दौर चला, लेकिन मां ने किसी की नहीं सुनी। आखिर में अनुराग के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज होने पर सभी वापस लौट गए।
इनसेट
अधिवक्ता ने कोतवाली पहुंचकर किया समर्पण
शिक्षिका की मां ने अधिवक्ता पर उत्पीड़न व बेटी का शारीरिक शोषण और आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया था। मामले की जानकारी होने पर अधिवक्ता देर रात कोतवाली पहुंच गए और खुद को पुलिस के सुपुर्द कर दिया।
वर्जन
शिक्षिका की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में फांसी की पुष्टि हुई है। मां की तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
-अमित कुमार आनंद, पुलिस अधीक्षक