सपा सरकार में निर्मित कराए गए आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे जांच के घेरे में है। प्रदेश सरकार ने जिले में डाली गई मिट्टी का ब्यौरा तलब किया है। एनसीसी व एफ्कान कंपनी ने खनन मद को लगभग 34 करोड़ रुपये का भुगतान किए जाने का ब्यौरा दिया।
भाजपा ने विधानसभा चुनाव के दौरान आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस के निर्माण की जांच कराए जाने का वायदा किया था। प्रदेश में भाजपा की सत्ता आने के बाद एक्सप्रेस वे की जांच चल रही है। कुछ दिनों पहले लखनऊ से आगरा के बीच अरौल, तालग्राम सहित अन्य जगहों से पांच नमूने भरे गए थे।
खनन अधिकारी हवलदार यादव ने बताया कि जिले से 72 किलोमीटर की परिधि में निकले एक्सप्रेस वे पर डाली गई मिट्टी का ब्यौरा मांगा गया था। एफ्कान व एनसीसी कंपनी ने लगभग 34 करोड़ रुपये खनन मद में जमा कराए जाने का ब्यौरा दिया है। इस ब्यौरे में जब आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे काम हुआ था उस समय प्रति घन मीटर 14 रुपये का रेट रहा। मौजूदा समय में रेट में बढ़ोतरी हुई है। नया रेट 30 रुपये घन मीटर हो गया है। पिछले रेट से ही कंपनियों ने खनन मद में भुगतान किया था। इस भुगतान में गड़बड़ी के सवाल पर कहा कि सरकार ने अब तक जो भी निर्देश दिए हैं, उसके तहत जांच कराकर ब्यौरा भेजा गया है।