कन्नौज। जिले में मनरेगा कर्मियों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम योजना को सुचारू रूप से चलाने हेतु बजट आवंटित किया गया है। प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत करने के लिए 97 लाख रुपये का बजट दिया गया है।
इस धनराशि से 2023-24 के पुराने बिलों का भुगतान किया गया है। मनरेगा सामग्री के लिए सिर्फ 30 लाख रुपये का बजट मिला है। इस आवंटन से तकनीकी सहायक, रोजगार सेवक, कंप्यूटर संचालक और सहायक परियोजना अधिकारी जैसे कर्मियों का मानदेय जल्द मिलेगा। बजट मिलने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों की निगरानी करने वाले संविदा कर्मचारियों में खुशी है।
पहले कर्मियों को वित्तीय दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। अब उनका बकाया मानदेय सीधे बैंक खातों में भेजा जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, इससे कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा। ग्रामीण स्तर पर चल रहे कार्यों की रफ्तार भी तेज होगी। यह राशि लंबित मानदेय, कार्यालय संचालन और अन्य प्रशासनिक खर्चों के लिए है। जिला समन्वयक मनरेगा दिनेश कुमार यादव ने बजट मिलने की जानकारी दी।
इस आवंटित बजट का मुख्य उद्देश्य प्रशासनिक खर्चों और मानदेय की देनदारियों को चुकता करना है। जिले के विभिन्न खंडों जैसे छिबरामऊ, जलालाबाद, उमर्दा और कन्नौज सदर में कामकाज व्यवस्थित किया जाएगा। समय पर मानदेय मिलने से तालाबों के जीर्णोद्धार और पौधारोपण जैसे विकास कार्य पूरे होंगे। ग्रामीण संपर्क मार्गों के निर्माण का सामाजिक लेखापरीक्षा और भौतिक सत्यापन भी समय पर हो सकेगा।
नई योजना की तैयारी
एक जुलाई से विकसित भारत-रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) योजना लागू होगी। इसे वीवी जी रामजी योजना के नाम से जाना जाएगा। केंद्र सरकार की अधिसूचना के बाद प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। नई योजना मनरेगा की तर्ज पर ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार उपलब्ध कराएगी। इसमें स्थायी आजीविका और महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर विशेष ध्यान केंद्रित रहेगा।
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