विशुनगढ़। जयमाल के बाद वर पक्ष की तरफ से कम आए चढ़ावे को लेकर हुई कहासुनी के दौरान दूल्हे के भाई ने दुल्हन के पिता पर हाथ उठा दिया। इस बात से नाराज दुल्हन ने मंडप में सात फेरे लेने से पहले ही शादी से इंकार कर दिया। दुल्हन को मनाने के लिए करीब आठ घंटे तक दोनों पक्षों के बीच पंचायत चली, लेकिन दुल्हन ने किसी की बात नहीं मानी। आखिरकार बरात को बिना दुल्हन के ही लौटना पड़ा।
शुक्रवार को कस्बे में पानी की टंकी के पास रहने वाली एक युवती की बरात इटावा जिले के एक गांव से आई थी। बरात के द्वारचार के बाद जयमाल तक सभी कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुए। भांवर से पहले जब वर पक्ष ने चढ़ावा वधू पक्ष को सौंपा तो चढ़ावा कम देख वधू पक्ष भड़क गया। इसके बाद दोनों पक्षों में कहासुनी हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो दूल्हे के बड़े भाई ने दुल्हन के पिता पर हाथ उठा दिया। यह दृश्य देख दुल्हन बिफर गई। साथ ही शादी से इंकार कर दिया। मामले की सूचना किसी ने पुलिस को दे दी। कुछ देर बाद पुलिस मौके पर पहुंच गई। पहले तो दुल्हन को समझाने का प्रयास किया गया, लेकिन वह अपने फैसले पर अड़ी रही। इसके बाद लगभग आठ घंटे तक दोनों पक्षों में हुई बातचीत हुई, लेकिन दुल्हन शादी के लिए तैयार नहीं हुई। इसके बाद समझौता हो गया और बरात को बिना दुल्हन के लौट गई। थानाध्यक्ष किशन पाल सिंह ने बताया कि चढ़ावे को लेकर विवाद हुआ था। अब दोनों पक्षों में समझौता हो गया है और बरात भी बिना दुल्हन के लौट गई है।