ग्राम रेरीरामपुर के सनातन धर्म गौरीशंकर मंदिर में
चल रही श्रीराम कथा में आचार्य धनंजय मिश्रा ने राम जन्म की कथा सुनाकर
भक्तों को भाव विभोर कर दिया।
भय प्रकट कृपाला दीन दयाला .. की स्तुति
के साथ माहौल भक्तिमय हो गया। आचार्य ने कहा कि राजा दशरथ की तरह जब
बनेंगे, तभी राम जैसे पुत्र जन्म लेंगे। कहा कि अपने को संस्कारी बनाना
होगा और पुत्रों को आदर्श भगवान राम की कथा से प्रेरणा देनी होंगी, तभी देश
में संस्कारों को बचाया जा सकता है।
उन्होंने भजन राम तेरे भरोसे मेरा
परिवार है तू ही मेरी नाव का मांझी तू ही पतवार है। इस पर महिलाओं ने नृत्य
भी किया। इस दौरान परीक्षित बाबू राम शुक्ला, आयोजक सुशील शुक्ला, लालजी
शुक्ला, कल्पना, अवधेश, विशुनदत्त पांडे, संतोष पांडे, राधामोहन शुक्ला,
दयाशंकर चौबे, आमोद पांडे आदि मौजूद थे। कथा के बाद आयोजक सुशील शुक्ला ने
50 गरीब महिलाओं को शाल बांटे। बताया कि कथा का समापन 14 फरवरी को भंडारे
के साथ होगा।