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बारिश व सर्द हवाओं से बढ़ी ठिठुरन

Fri, 23 Jan 2015 12:03 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला कन्नौजफ।
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सुबह से रिमझिम बरसात देर शाम तक जारी रही। दोपहर बारह बजे के बाद करीब तीन घंटे तक बारिश थमी रही, लेकिन चार बजते ही दोबारा पानी बरसना शुरू हो गया। इससे किसान चिंतित हो गया है। हालांकि इस बारिश से गेहूं की फसल को फायदा मिलेगा लेकिन आलू, मटर सहित कई फसलों पर विपरीत असर पड़ेगा।
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गौरतलब है कि करीब एक माह से आम आदमी हाड़-कपाऊ सर्दी झेल रहा है। गुरुवार सुबह शुरू हुई बारिश और  शीत लहर से ठिठुरन बढ़ गई है। आलम यह है कि पूरे दिन लोग हीटर, अंगीठी व अलाव से चिपके  रहे।  बरसात व सर्दी से बाजार  में  सन्नाटा रहा।

दोपहर बाद कुछ देर के लिए चहल-पहल रही लेकिन बरसात शुरू होने के बाद लोग अपने घरों में कैद हो गए। विकास भवन, कलेक्ट्रेट, बीएसए दफ्तर, डीआईओएस कार्यालय सहित विभिन्न कार्यालयों में अधिकारी हीटर लगाकर फाइलों को निपटा रहे थे। कर्मचारी जल्दी काम निपटाकर घर की ओर चलते बने।
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जनवरी में महज चार दिन धूप निकली। इसमें करीब एक सप्ताह तो लगातार धूप के दर्शन नहीं हुए। जबकि अन्य दिनों में दोपहर बारह से दो बजे के मध्य में कुछ घंटों के लिए धूप निकली है।

इस सर्द मौसम में सबसे अधिक चांदी गरम कपड़ों के दुकानदारों की रही। लोगों ने दिल खोलकर गरम कपड़ों की खरीददारी की है। इसके अलावा सर्दी से बचने के लिए हीटर और ब्लोअर भी खरीदे गए।

बरसात होने से अब सब्जी महंगी होने के आसार हो गए हैं। दो दिन तक आलू की खुदाई सहित विभिन्न फसलों के कार्य प्रभावित रहने से सब्जी के दामों में उछाल आएगा।

बारिश से गेहूं की फसल करने वाले किसानों को जबरदस्त फायदा मिलेगा। इस बार गेहूं की पैदावार बढ़ने की उम्मीद है। वहीं आलू किसान बेहद चिंतित हैं। पाला, झुलसा सहित अन्य रोगों से आलू रोग ग्रसित हो चुका है। जानकार किसानों का कहना है कि ऐसे मौसम के कारण आलू की फसल को लगभग 25 फीसदी का नुकसान होने की उम्मीद है।

सर्दी के मिजाज ने इस बार शिक्षण व्यवस्था को धड़ाम कर दिया है। सरकारी प्राथमिक व उच्च प्राथमिक, अंग्रेजी व हिंदी माध्यम के विद्यालय लगभग तीस दिनों से बंद हैं। गुरुवार को पहले दिन स्कूल खोले गए थे, लेकिन सुबह से ही मौसम खराब हो गया है। लगातार अवकाश रहने से शिक्षण व्यवस्था धड़ाम हो गई है। 
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