कन्नौज। जिले में नि:शुल्क खाद्यान्न वितरण व्यवस्था पहले दिन ही पटरी से उतरी नजर आई। सैय्यदपुर सकरी, कछियनपुरवा, जदेपुर्वा समेत कई जगहों पर अंत्योदय, मनरेगा समेत दिहाड़ी मजदूरों को खाद्यान्न का वितरण नहीं किया गया। कछियनपुरवा गांव में एक भी मनरेगा मजदूर को राशन नहीं मिला। सैय्यदपुर सकरी में कई मनरेगा मजदूर खाली हाथ लौट गए। कई जगह ई-पॉस मशीनें दगा दे गईं तो कई जगह नेटवर्क और बैटरी चार्ज न होने से उपभोक्ताओं को राशन दुकान से खाली हाथ लौटना पड़ा। तिर्वा क्षेत्र में कोटेदार ने लोगों से नि:शुल्क खाद्यान्न की जगह वसूली शुरू कर दी। यह सब नोडल अधिकारी की मौजूदगी में हुआ। शिकायत होने पर वसूली बंद हुई। कई जगह राशन दुकानों पर कोटेदार कोरोना महामारी से बचने के लिए गोले में रहक र खाद्यान्न का वितरण कर रहे थे। वहीं, ई-पॉस मशीन में अंगूठा लगाने से पहले सैनिटाइजर या साबुन से हाथ धोने का कोई इंतजाम नहीं था। इसके अलावा राशन लेने आए पुरुष और महिलाएं मास्क नहीं लगाए थीं। ऐसा तब था जब कोटेदारों को सावधानी व सतर्कता बरने के आदेश दिए गए थे।
सदर तहसील के सैय्यदपुर सकरी में 210 मनरेगा श्रमिकों में सिर्फ 57 को खाद्यान्न दिया गया। 153 को राशन नहीं मिला। ग्राम प्रधान गुड़िया बेगम और सचिव प्रियंका सिंह ने बताया कि 2019 में जिन लोगों ने काम किया, उन्हीं के नाम सूची में आए हैं। वहीं मजदूर शिवसरन, शिवकुमार, कमलेश पाल सिंह, राजेश कुलदीप, सुधीर ने बताया कि चार साल में प्रधान और सचिव की ओर से कोई काम ही नहीं दिया गया। कछियनपुरवा गांव में 40 मनरेगा मजदूरों में से किसी को राशन नहीं दिया गया। श्रमिकों ने राशन न मिलने पर जॉबकार्ड हाथ में लेकर विरोध जताया।
तिर्वा प्रतिनिधि के अनुसार जदेपुर्वा गांव निवासी अमित पुत्र रानू ने तहसील के कंट्रोल रूम में सूचना दी। बताया कि गांव के कोटे से राशन नहीं दिया जा रहा है। रुपये लेकर राशन दिया जा रहा है। शिकायत सुनकर नोडल अधिकारी नायब तहसीलदार मोहित लाल वर्मा ने शिकायत का निस्तारण करने के लिए पूर्ति निरीक्षक को जिम्मेदारी दे दी। पूर्ति कार्यालय के लिपिक राकेश कुमार ने बताया कि संबंधित शिकायत का निस्तारण करा दिया गया है। अधिक रुपये लेकर राशन नहीं बांटा जा रहा था।
तालग्राम प्रतिनिधि के अनुसार कलकत्तापुर्वा में बुधवार को कोटेदार राधाकृष्ण ने राशन वितरण शुरू किया। मनरेगा श्रमिकों से 100-100 रुपये वसूली कर राशन वितरण शुरू किया गया। इस पर श्रमिक संजय, अंसार, अनिल, नसीफ, राकेश, प्रेमचंद्र, संतराम, पप्पू, विमला देवी ने हंगामा शुरू कर दिया। आरोप लगाया कि रुपये लेने के साथ घटतौली कर साढ़े चार किलो राशन दिया जा रहा है। हंगामा बढ़ने पर कोटेदार राधाकृष्ण ताला लगाकर चले गए। प्रधान उमा शर्मा ने बताया कि कोटेदार ने मनमानी कर पंजीकृत मजदूरों को राशन नहीं दिया।
वहीं कोटेदार राधाकृष्ण ने बताया कि पात्र गृहस्थी कार्ड धारकों से रुपये लिए गए। पूर्ति निरीक्षक छिबरामऊ राजू बिंद ने बताया कि अंत्योदय, पंजीकृत व मनरेगा श्रमिकों को नि:शुल्क राशन का शासनादेश है। अगर रुपये वसूले गए तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।