सभी ब्लाकों में पुष्टाहार वितरण की होगी जांच
क्रासर
-जिलाधिकारी ने डीपीओ को शहरी क्षेत्र समेत ब्लाकों में जांच करने के दिए आदेश
-ब्लाक तालग्राम के भंडार गृह में 742 पैकेट कम पोषाहार मिलने पर खुली पोल
संवाद न्यूज एजेंसी
कन्नौज। ब्लाक तालग्राम के पांच आंगनबाड़ी केंद्रों पर कम पोषाहार मिलने पर जब जांच शुरू हुई तो गोलमाल की पोल खुल गई। यहां के पोषाहार भंडार गृह में 742 पैकेट कम पोषाहार मिलने पर दो सुपरवाइजर पर मुकदमा दर्ज कराया गया। जिलाधिकारी के आदेश पर अब शहरी क्षेत्र समेत ब्लाक वार पोषाहार वितरण का ब्लाक वार सत्यापन कराया जाएगा। इसके लिए उन्होंने जिला कार्यक्रम अधिकारी को जांच के आदेश दिए हैं। गड़बड़ी मिलने पर जिम्मेदार अफसर पर कार्रवाई के निर्देश दिए। डीएम के आदेश के बाद अफसरों में खलबली है।
प्रभारी जिला कार्यक्रम अधिकारी नीलम कटियार ने ब्लाक तालग्राम क्षेत्र के आंगनबाड़ी केंद्र टपकापुर, तराइपुरवा, इंदुयागंज, रजलामऊ प्रथम व द्वितीय आंगनबाड़ी केंद्र का औचक निरीक्षण किया था। इन केंद्रों को प्रेषण के सापेक्ष कम पोषाहार वितरण किया गया था। इसकी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने भी पुष्टि की थी। इसके बाद प्रभारी डीपीओ ने ब्लाक तालग्राम में बने पोषाहार भंडार गृह का औचक निरीक्षण किया था। यहां स्टाक में 2607 पैकेट पोषाहार के होने चाहिए, लेकिन सत्यापन में 1865 पैकेट मिले। 742 पैकेट कम मिलने के बारे में भंडार सहायक व मुख्य सेविका संगीता शुक्ला जवाब नहीं दे पाई थीं। वहीं इंचार्ज मुख्य सेविका कामिनी शुक्ला गैरहाजिर थीं। इसी तरह गोदाम व आंगनबाड़ी केंद्रों पर वितरित होने वाले पोषाहार में काफी अंतर मिला। प्रभारी डीपीओ ने जिलाधिकारी को मामले से अवगत कराया था। डीएम के आदेश पर उन्होंने मुख्य सेविका संगीता शुक्ला व कामिनी शुक्ला के खिलाफ गुरसहायगंज में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। वहीं जिलाधिकारी रवींद्र कुमार ने प्रभारी डीपीओ को शहरी क्षेत्र समेत ब्लाकवार वितरित होने वाले पुष्टाहार का सत्यापन करने के आदेश दिए। इससे बच्चों, गर्भवती व धात्री महिलाओं को वितरित होने वाले पोषाहार की हकीकत पता चल सके। जांच में अगर कहीं गड़बड़ी मिलती है तो जिम्मेदार पर कार्रवाई होना तय है।
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इनसेट
जांच से महकमे में खलबली
डीएम के जांच के आदेश के बाद जिला कार्यक्रम विभाग में खलबली मची है। बाल विकास परियोजना अधिकारी समेत सुपरवाइजर अपने-अपने रिकार्ड दुरुस्त करने में जुटे हैं। हालांकि पोषाहार वितरण में धांधली का खेल नया नहीं है। डीएम के संज्ञान में मामला पहुंचने पर दो सुपरवाइजर के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
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कई ब्लाकों में गोलमाल की आशंका
पोषाहार वितरण में हर जगह गड़बड़ी की जा रही है। बच्चों व धात्री महिलाओं को माह में तीन बार पोषाहार वितरण करने के आदेश हैं। इसके लिए पांच, 15 व 25 तिथि निर्धारित है। हकीकत इससे जुदा है। तीन बार वितरित होने वाला पोषाहार माह में सिर्फ एक बार वितरित हो रहा है। कहीं-कहीं तो पोषाहार वितरण की स्थिति शून्य है। इससे कई ब्लाकों में गोलमाल की आंशका है।