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प्रदर्शन पर अड़े सपाइयों ने दी गिरफ्तारी, नारेबाजी

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कन्नौज। नागरिक संशोधन कानून, महिला-किसान उत्पीड़न के विरोध में गुरुवार को सपाइयों का धरना पुलिस की सख्ती के कारण नहीं हो सका। पार्टी कार्यालय में जुटे सपाइयों ने जैसे कलक्ट्रेट की तरफ कूच करने का प्रयास किया पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इस पर सपाई उग्र हो गए और बैरीकेडिंग हटाने के लिए पुलिस से धक्कामुक्की शुरू कर दी। इसके बाद पुलिस ने सपाइयों की गिरफ्तारी शुरू कर दी। पुलिस वाहन और तीन बसों में भरकर सपाइयों को पुलिस लाइन में बनी अस्थाई जेल में बंद किया गया। रास्ते में कुछ सपाई बस से उतरे तो पुलिस ने लाठी चलाकर उन्हें फिर बस में चढ़ा दिया। इस दौरान सपाइयों ने जमकर नारेबाजी की और केंद्र के साथ प्रदेश सरकार को भी कोसा।
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समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के आह्वान पर सपाइयों से तिर्वा-कन्नौज मार्ग स्थित पार्टी कार्यालय में पहुंचने के लिए कहा गया था। सुबह 11 बजे निवर्तमान जिलाध्यक्ष मुन्ना दरोगा के नेतृत्व में सपाइयों को जुलूस की शक्ल में निकलकर कलक्ट्रेट जाना था, जहां धरना प्रदर्शन करने की तैयारी थी। सपाइयों ने कार्यक्रम के लिए जिला प्रशासन से अनुमति मांगी लेकिन धारा 144 का हवाला देकर उन्हें अनुमति नहीं दी घई। तय कार्यक्रम के तहत सुबह से ही सपाई पार्टी कार्यालय में जमा होने लगे। कार्यक्रम को देखते हुए एसपी अमरेंद्र प्रसाद सिंह ने पार्टी कार्यालय के बाहर, कलक्ट्रेट और सदर तहसील में भारी फोर्स तैनात कर दी। तय समय पर जैसे ही सपाई निवर्तमान जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में धरना प्रदर्शन के लिए कलक्ट्रेट के लिए निकलना शुरू हुए, उन्हें पार्टी कार्यालय के बाहर ही बैरीकेडिंग लगाकर रोक दिया गया। इस पर सपाई भड़क गए और नारेबाजी करने लगे। सपाइयों ने कलक्ट्रेट जाने की मांग की लेकिन पुलिस ने धारा 144 का हवाला देकर ऐसा करने से मना कर दिया। कुछ देर पुलिस वाहन व तीन बसें बुलाकर सीओ श्रीकांत प्रजापति ने सपाइयों की गिरफ्तारी शुरू करा दी। वाहन कम पड़ जाने से कई सपाई बसों की छत पर चढ़ गए और पुलिस लाइन के रास्ते भर जमकर नारेबाजी करते हुए गए। पुलिस लाइन से पहले कुछ सपाइयों ने बस से उतरकर प्रदर्शन करने का प्रयास किया तो पुलिस ने उन पर लाठी चला दी और उन्हें फिर से बस में बैठा दिया। पुलिस लाइन में बनी अस्थाई जेल में पहुंचने के बाद भी सपाइयों की जमकर नारेबाजी की। दोपहर करीब दो बजे सपाइयों को 10-12 के ग्रुप में छोड़ा गया।
निवर्तमान जिलाध्यक्ष मुन्ना दरोगा और पूर्व ब्लाक प्रमुख नवाब सिंह यादव ने कहा कि प्रदेश में ध्वस्त कानून व्यवस्था हो चुकी है। बेटियों और महिलाओं के साथ दुष्कर्म की घटनाएं थम नहीं रही हैं। छात्रों के ऊपर अत्याचार किया जा रहा है। किसानों, व्यापारियों और मजदूरों का उत्पीड़न हो रहा है। नागरिकता संशोधन कानून बनाकर संविधान से छेड़छाड़ की जा रही है। प्रशासन पर सत्ता पक्ष के इशारे पर कार्य करने का आरोप लगाया। पूर्व विधायक कल्याण सिंह दोहरे, अरविंद यादव, ताहिर हुसैन, ब्लाक प्रमुख नीलू यादव आदि ने कहा, प्रदेश और देश में बेटियों और महिलाओं की आबरू सुरक्षित नहीं है। व्यापार चौपट हो गया है। महंगाई ने लोगों की कमर तोड़ दी है। बेरोजगारी अपनी चरम सीमा पर है। देश में ऐसे कानून बनाए जा रहे हैं जिससे समाज में आपसी भाईचारे खत्म किया जा रहा है। लोगों में भय व्याप्त हो गया है। इस मौके पर दिगंबर सिंह यादव, अनिल पाल, राजेंद्र सिंह यादव, दिनेश यादव, अमित मिश्रा, सत्येंद्र यादव, इंद्रेश यादव, कैश खां, भोले कुरैशी, नावेद सभासद, सभासद मनीष राठौर, हसीब हसन, आफाक, आसिफ सिद्दकी, रामसेवक, अन्नपूर्णा राजपूत, कल्पना यादव, शबा खान, कुसुम यादव, अल्पना कठेरिया, प्रताप सिंह यादव, आलोक वर्मा आदि मौजूद रहे। एसडीएम सदर शैलेश कुमार ने बताया कि कुल 89 सपाइयों ने गिरफ्तारी के लिए अपना नाम दिया है। इनके खिलाफ अब धारा 144 के उल्लंघन की कार्रवाई की जाएगी।
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