कन्नौज। कानपुर मंडल के उपनिदेशक पंचायत अभय कुमार शाही ने शौचालय निर्माण को लेकर लगातार आ रही शिकायताें को संज्ञान में लिया है। सबसे अधिक गड़बड़ी का अनुमान जिले के ब्लाक गुगरापुर, जलालाबाद, सौरिख व हसेरन में है। इन ब्लाकों में सात सालों में बने शौचालयों का रिकार्ड खंगाला जाएगा। इसमें पात्रों की बिंदुवार जांच की जाएगी। जांच में गड़बड़ी मिलने पर जिम्मेदार अफसरों व कर्मियों पर कार्रवाई की जाएगी। मंडलीय टीम के दिसंबर के अंतिम या दूसरे सप्ताह में आने का अनुमान है। निरीक्षण के समय स्थानीय अफसर टीम का अभिलेख जुटाने से लेकर अन्य सहयोग करेंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वच्छ भारत, स्वस्थ भारत के तहत देश को खुले में शौच से मुक्त करने का संकल्प लिया था। इसको सार्थक करने के लिए प्रदेश व जिले में अभियान चलाकर पात्रों को शौचालय का आवंटन करने के आदेश दिए थे। वहीं, पात्रों के अलावा अपात्रों के पुराने शौचालयों को नया दिखाकर गोलमाल की शिकायत आई। कई जगह बिना शौचालय निर्माण के रुपये निकालने के मामले प्रकाश में आए। कानपुर मंडल के उपनिदेशक पंचायत ने शौचालय निर्माण में हुए गड़बड़ी की आशंका में जिलेवार मंडलीय टीम को भेजकर सत्यापन करने का आदेश जारी किया। इसमें जिले में चार ब्लाकों में सात साल में बने शौचालय की जांच की जाएगी। चार ब्लाक में ब्लाक गुगरापुर, जलालाबाद, हसेरन व सौरिख सम्मलित हैं। इन ब्लाकों में टीम को साल 2013 से अभी तक बने 2218 शौचालय निर्माण का सत्यापन करना है।
कानपुर मंडल के उपनिदेशक पंचायत अभय कुमार शाही को जिले में चार ब्लाकों के आठ गांवों में गड़बड़ी होने की आशंका है। प्रत्येक ब्लाक के दो गांवों को लिया गया है। इसमें ब्लाक गुगरापुर के इस्मालपुर डिगन, फराहरन, ब्लाक जलालाबाद के फिरोजपुर तारन व सफीपुर जप्ती, ब्लाक सौरिख के ईजलपुर व बटेला तथा ब्लाक हसेरन के हुसैनपुर व किशनपुर बसंत का नाम सम्मलित है। जल्द ही मंडलीय टीम इन गांवों में बने शौचालय निर्माण की जांच करेगी।
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