कन्नौज। एक तरफ भगवंतपुर के लोग चकबंदी प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर उसे निरस्त कराने की मांग कर रहे हैं। वहीं सोमवार को गांव के ही एक पक्ष ने कलक्ट्रेट पहुंचकर चकबंदी प्रक्रिया को सही ठहराया। साथ ही आरोप लगाया कि कब्जेधारक ही चकबंदी प्रक्रिया को निरस्त करने की मांग कर रहे हैं।
सोमवार को छिबरामऊ तहसील क्षेत्र के भगवंतपुर के ग्रामीण कलक्ट्रेट पहुंचे। यहां उन्हाेंने बताया उनके गांव में 2014 से चकबंदी प्रक्रिया चल रही है। सहायक चकबंदी अधिकारी स्तर से चक काटे जा चुके हैं। दावा किया गया कि इससे गांव के करीब 80 प्रतिशत किसान संतुष्ट है। आरोप है कि गांव के ही कुछ लोग ग्राम समाज की जमीन व किसानों की जमीन पर अवैध ढंग से काबिज हैं। चकबंदी में उनकी जमीन जा रही है। वहीं, लोग इस प्रक्रिया को निरस्त करने के लिए चकबंदी अधिकारियों व कर्मचारियों पर आरोप लगा रहे हैं। कहा कि चकबंदी प्रक्रिया होती है तो छोटे-छोटे किसानों को नाली व चकरोड मिल जाएगा। इसकी चक मिलने से अच्छी उपज पैदा कर सकेंगे। ग्रामीणों ने बंदोबस्त चकबंदी अधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर प्रक्रिया में तेजी लाने के साथ शीघ्र कब्जा परिवर्तन कराने की बात कही। बताया गया कि इस मौके पर रिंकी देवी, सुशील कुमार, ब्रजेश कुमार, अखिलेश कुमार, प्रदीप कुमार, दीपू, पुष्पेंद्र सिंह यादव, मनीष, अलवीर सिंह, सुघर सिंह, रामनरेश, राजू, नीरज, उदयवीर, जगतराम आदि मौजूद रहे।