चपुन्ना (कन्नौज)। आलू लेकर घर जा रहे ई-रिक्शा में प्राइवेट बस ने टक्कर मार दी। जिससे एक युवक मौके पर मौत हो गई व तीन युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को राजकीय मेडिकल कालेज तिर्वा में भर्ती कराया गया। वहीं घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने छिबरामऊ-बिधूना मार्ग पर जाम लगा दिया। तीन घंटे बाद एसडीएम व समाजसेवी के समझाने पर ग्रामीणों ने जाम खोला।
क्षेत्र के गांव गुलरियापुर निवासी अमित उर्फ भूरे राठौर (20) पुत्र शेर सिंह राठौर ग्राम नगरियालाल शाह स्थित एक कोल्ड स्टोरेज से ई-रिक्शा में आलू लेकर अपने घर जा रहा था। तभी छिबरामऊ की तरफ से आ रही तेज रफ्तार बस ने ई-रिक्शा में टक्कर मार दी। दुर्घटना में भूरे राठौर की मौके पर ही मौत हो गई तथा रिक्शा में बैठे धनीराम पुत्र विजय सिंह कठेरिया, सूरज सिंह यादव पुत्र आजाद यादव, ई-रिक्शा चालक रिंकू पुत्र अहिबरन गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को राजकीय मेडिकल कालेज तिर्वा में भर्ती कराया गया। हादसे को अंजाम देने के बाद चालक बस को भगा ले गया। घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने छिबरामऊ-बिधूना मार्ग पर जाम लगा दिया। जाम की सूचना पाकर सीओ शिव कुमार थापा, थानाध्यक्ष राजकुमार सिंह, चौकी प्रभारी ओमबाबू तिवारी मौके पर पहुंच गए और जाम को खुलवाने की कोशिश की। लेकिन ग्रामीण नहीं माने। बाद में एसडीएम गौरव शुक्ला व समाजसेवी अमिताभ भदौरिया भी पहुंचे। एसडीएम ने दोषी चालक के खिलाफ कार्रवाई करने व पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता दिलाए जाने का आश्वासन दिया। जिसके बाद ग्रामीणों ने जाम खोल दिया।
तीन घंटे तक जाम रहा छिबरामऊ बिधूना मार्ग
प्राइवेट बस की टक्कर से हुई एक युवक की मौत से गुस्साए युवकों ने छिबरामऊ-बिधूना मार्ग पर ट्रैक्टर को तिरछा खड़ा करके जाम लगा दिया। कुछ ही देर में मार्ग के दोनों ओर वाहनों की कतारें लग गईं। पुलिस अधिकारियों ने जाम लगाए युवकों को समझाने की कोशिश की लेकिन वह नहीं माने। बाद में एसडीएम गौरव शुक्ला व समाजसेवी अमिताभ भदौरिया के आश्वासन पर जाम खोला गया। दोपहर दो बजे से लगा जाम शाम पांच बजे तक लगा रहा। जाम खुलने के बाद पुलिस ने राहत की सांस ली।
युवक की मौत से परिवार में मचा कोहराम
मार्ग दुर्घटना में हुई अमित उर्फ भूरे राठौर की मौत से परिवार में कोहराम मच गया। वह अपने तीन भाइयों में दूसरे नंबर का था। अमित के पिता शेर सिंह राठौर खेती करके अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। उसकी तीन बहनें भी हैं। अमित की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था।