जिले में हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षा
सकुशल संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन और माध्यमिक शिक्षा विभाग ने कमर
कस ली है। जिले भर में 137 परीक्षा केंद्रों पर 64 हजार 853 परीक्षार्थी
यूपी बोर्ड की परीक्षा देंगे। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस बल भी मुस्तैद
किया जाएगा।
जिले में 13 संवेदनशील परीक्षा केंद्र हैं, पर जिले में कोई भी
ऐसा केंद्र नहीं है, जो अतिसंवेदनशील श्रेणी में आता हो। संवेदनशील
परीक्षा केंद्रों पर सचल दल और पुलिस का कड़ा पहरा रहेगा। परीक्षा केंद्रों
को तीन जोन और 23 सेक्टरों में बांटा गया है।
जिला विद्यालय निरीक्षक
केपी सिंह यादव ने बताया कि बोर्ड परीक्षा नकल विहीन संपन्न कराई जाएगी। एक
सरकारी, 42 सहायता प्राप्त और 94 वित्तविहीन कालेजों को बोर्ड परीक्षा
केंद्र बनाया गया है। वर्ष 2015 में कुल 134 परीक्षा केंद्र थे। अबकी तीन
परीक्षा केंद्र बढ़ाए गए हैं। इन परीक्षा केंद्रों पर 18 फरवरी से
परीक्षाएं शुरू होंगी।
उन्होंने बताया कि परीक्षा को सकुशल संपन्न कराने के
लिए 3600 कक्ष निरीक्षक तैनात किए गए हैं। हाईस्कूल में 37 हजार 326 और
इंटरमीडिएट में 27 हजार 527 छात्र-छात्राएं परीक्षा में शामिल होंगे। प्रथम
पाली में सुबह सात बजकर 15 मिनट से 10 बजकर 30 मिनट तक परीक्षा होगी, जबकि
दूसरी पाली में दोपहर दो बजे से सवा पांच बजे तक परीक्षा होगी।
पहले दिन
18 फरवरी को हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के हिंदी प्रश्नपत्र की परीक्षा होगी।
हाईस्कूल की परीक्षा का समापन नौ मार्च को होगा। नौ मार्च को आखिरी दिन
अंतिम पेपर हाईस्कूल में सामाजिक विज्ञान का होगा, वहीं इंटरमीडिएट की
परीक्षा 21 मार्च को समाप्त होगी और आखिरी पेपर भूगोल विषय का होगा।
परीक्षा केंद्रों को तीन जोन व 23 सेक्टर में बांटा गया है। प्रथम जोन
तहसील कन्नौज में छह सेक्टर, द्वितीय जोन तहसील छिबरामऊ में 11 सेक्टर और
तृतीय जोन तहसील तिर्वा में छह सेक्टर बनाए गए हैं। डीआईओएस ने बताया कि
जनपद स्तर पर चार उड़नदस्तों की टीम भी गठित की गई है।
डीआईओएस की अगुवाई
में गठित हर सचल दल में दो महिला व दो पुरुष टीचर के साथ ही सुरक्षा के लिए
दो-दो पुलिसकर्मी भी मुस्तैद रहेंगे। इतना ही नहीं सचल दलों को चार पहिया
वाहन भी उपलब्ध कराया गया है, जिसमें डीजल डलवाने के लिए अब तक 42 हजार
रुपये की धनराशि आवंटित हो चुकी है।
उन्होंने बताया कि हाईस्कूल के लिए
दो लाख 25 हजार उत्तर पुस्तिकाओं की जरूरत थी। समस्त उत्तर पुस्तिकाएं
प्राप्त हो गई हैं, जिन्हें परीक्षा केंद्र बनाए गए कालेजों को भी मुहैया
करा दिया गया है। उन्होंने बताया कि इंटरमीडिएट के लिए दो लाख 78 हजार
उत्तर पुस्तिकाओं की जरूरत है और अब तक एक लाख 48 हजार उत्तर पुस्तिकाएं
मिल चुकी हैं, जो परीक्षा केंद्रों में भेज दी गई हैं।
बोर्ड को अवशेष एक
लाख 30 हजार उत्तर पुस्तिकाएं और भेजने के लिए मांगपत्र भेजा जा चुका है।
डीआईओएस ने बताया कि प्रवेश पत्र बांट दिए गए हैं। समस्त स्कूलों में
सिटिंग प्लान भी तैयार कर लिया गया है। कोई भी परीक्षा केंद्र ऐसा नहीं है
जिसकी दूरी ज्यादा हो।
अधिकतम आठ किमी के दायरे में परीक्षा केंद्र बनाए गए
हैं। उड़नदस्ता टीम को निर्देश दिए गए हैं कि वे दोनों पालियों में
परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण करें। प्रति पाली प्रतिदिन निरीक्षण की
आख्या एवं नकल करते पकड़े जाने वाले परीक्षार्थियों का विवरण डीआईओएस
कार्यालय को उपलब्ध कराएं।
ये लोग सुबह साढ़े छह बजे व दोपहर एक बजे
उपस्थित होकर डीआईओएस के निर्देशानुसार परीक्षा केंद्रों के निरीक्षण के
लिए कूच करेंगे। सेक्टर मजिस्ट्रेटों को निर्देश दिए गए कि परीक्षा केंद्र
की 200 मीटर की परिधि में किसी भी अवांछनीय तत्व को जाने की अनुमति न दी
जाए। परीक्षा केंद्र के आसपास ध्वनि विस्तारक यंत्र न बजने दें।
सभी सीओ व
थानेदारों को निर्देश दिए गए कि कोई भी व्यक्ति शस्त्र लेकर परीक्षा केंद्र
पर न आने पाए। यदि किसी परीक्षार्थी के पास अवैध शस्त्र मिले तो कार्रवाई
की जाए। कक्ष निरीक्षकों को निर्देश दिए गए कि परीक्षा कक्ष के अंदर सेलुलर
फोन, कैलकुलेटर, पेजर, इलेक्ट्रानिक उपकरण न ले जाने दें।