चपुन्ना (कन्नौज)। योगी सरकार में ऊर्जा राज्यमंत्री कैलाश राजपूत के क्षेत्र तिर्वा विधानसभा क्षेत्र में इन दिनों विद्युत व्यवस्था पूरी तरह पटरी से उतर चुकी है। क्षेत्र में भीषण गर्मी और बारिश न होने के कारण बिजली की मांग चरम पर है लेकिन बुनियादी ढांचे की कमजोरी के चलते सौरिख उपकेंद्र ओवरलाेडिंग के चलते ठप है। इससे किसान, व्यापारी और आम जनता बेहाल है। बिजली न मिलने से धान की रोपाई रुक गई है और खेतों में खड़ी पौध सूख रही है।
सौरिख उपकेंद्र पर क्षमता से अधिक लोड होने के कारण सभी फीडरों को एक साथ संचालित करना नामुमकिन हो गया है। हालत यह है कि एक समय में केवल दो से तीन फीडर ही बमुश्किल चल रहे हैं। इसके चलते सकरावा ग्रामीण, सौरिख, राजपुर, खडिनी, नादेमऊ समेत कई प्रमुख फीडरों से जुड़े इलाकों में घंटों अघोषित कटौती की जा रही है। गांवों में बत्ती आती भी है तो वोल्टेज मात्र 100 से 150 वोल्ट ही रहता है। इतने कम वोल्टेज में न तो घरों के उपकरण चल पा रहे हैं और न ही छोटे-बड़े कारखाने।
बारिश न होने से किसानों पर दोहरी मार
मानसून की बेरुखी के कारण किसान पूरी तरह नलकूपों और सरकारी बिजली पर निर्भर हैं लेकिन लो-वोल्टेज और बार-बार ट्रिपिंग के कारण नलकूप पानी नहीं दे रहे हैं। धान की रोपाई का समय चल रहा है, लेकिन पानी के अभाव में किसानों के खेतों में दरारें पड़ रही हैं और तैयार हो रही पौध (बेड़) सूखने की कगार पर है। किसानों का कहना है कि अगर जल्द ही बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ, तो उनकी पूरी फसल बर्बाद हो जाएगी।
गढि़या पाह पावर हाउस का काम अधूरा
क्षेत्र में ओवरलोडिंग को कम करने के लिए गढिया पाह में एक नया उपकेंद्र प्रस्तावित किया गया था लेकिन विभागीय सुस्ती के चलते इसका निर्माण कार्य आज भी अधूरा पड़ा है। अगर उपकेंद्र समय पर बनकर तैयार हो जाता, तो आज सौरिख उपकेंद्र पर लोड कम होता और जनता को परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ता।
जनता ने लगाई ऊर्जा राज्य मंत्री से गुहार
चपुन्ना और आसपास के ग्रामीणों का कहना है कि ऊर्जा विभाग खुद उनके विधायक और राज्य मंत्री कैलाश राजपूत के पास है। इसके बावजूद उनके ही क्षेत्र की जनता बूंद-बूंद पानी और चंद घंटों की बिजली के लिए तरस रही है। क्षेत्र के किसानों और व्यापारियों ने ऊर्जा राज्य मंत्री से मांग की है कि अधूरे पड़े गढिया पाह उपकेंद्र का निर्माण जल्द पूरा कराया जाए।
वर्जन
गढि़या पाह उपकेंद्र का निर्माण पूरा कर जल्द चालू करने के निर्देश विद्युत निगम के अधिकारियों को दिए गए हैं। शासनादेश के अनुसार बिजली आपूर्ति न होने पर संबंधित अधिशासी अभियंता व जिम्मेदार जेई दोनों पर कार्रवाई की जाएगी।
-कैलाश सिंह राजपूत, राज्यमंत्री (ऊर्जा एवं अतिरिक्त स्रोत)