नगर पंचायत की गोशाला में गोवंश। संवाद
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तालग्राम। नगर पंचायत सकारात्मक पहल शुरू करने जा रही है। फलों का जूस निकालने के बाद बचे पदार्थों को फल विक्रेताओं से एकत्र किया जाएगा। मटर के छिलकों और हरी सब्जियों की पत्तियों को भी घरों से इकट्ठा किया जाएगा। रोजाना पूरे कस्बे में एक रिक्शा भ्रमण कर इसको जमा करने के बाद गोशाला पहुंचाएगा। वहीं इससे गोशाला के गोवंशों के चारे का काम आएगा।
तालग्राम नगर पंचायत के अधीन एक गोशाला है। इसमें 28 गोवंशों को आश्रय दिया गया है। इन गोवंशों के लिए भूसा, हरा चारा और दाना दिया जाता है। इन गोवंशों की सेहत का ख्याल रखते हुए गुड़, डबल रोटी भी खिलाई जाती है। नगर पंचायत ने कस्बे में फलों का जूस निकालने वाले स्थलों को चिह्नित किया है।
इसके अलावा जहां पर जूस निकालने के स्थायी दुकानें उन्हें भी चिह्नित किया है। नगर पंचायत अनार, सेब, गाजर, मौसमी, संतरा गन्ना आदि का जूस निकालने के बाद बचे अवशेष पदार्थों को एकत्र करेगी। लोगों से भी अपील करेगी कि घरों में हरी सब्जी की बेकार पत्तियों और मटर के छिलकों को भी कूड़े में न डालें, बल्कि उसे भी एकत्र कर लें। उसे पालिका का वाहन ले जाएगा। इसके लिए नगर पालिका रोजाना एक रिक्शा कस्बा में घुमाएगी।
ईओ घनश्याम राय का कहना है कि फलों के जूस निकालने के बाद बचा पदार्थ गोशाला में पल रहे गोवंशों के चारे का काम करेगा। गाजर, सेब, पपीता, केला आदि का बचा पदार्थ बड़े चाव से खाते हैं। इसके लिए नगर पंचायत इन्हें एकत्रित करने की मुहिम चलाने जा रही है। जिससे गोवंशों की सेहत सुधरेगी।