कन्नौज। सदर विधानसभा से भाजपा की टिकट पर चुनाव लड़ने का मन बना चुके पूर्व आईपीएस अफसर असीम अरुण पार्टी के अन्य दावेदारों से सामंजस्य बनाने का प्रयास कर रहे हैं। पार्टी के अन्य नेताओं की मजबूत दावेदारी के चलते असीम अरुण का जनसंपर्क अभियान शुरू नहीं हो सका। मंगलवार को असीम अरुण दिनभर घर पर रहे। भाजपा कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। फिलहाल अन्य दावेदारों का कहना है कि टिकट फाइनल होने की सूची जारी होने के बाद सीट पर भाजपा प्रत्याशी की स्थिति साफ होगी।
जिले के खैरनगर के मूल निवासी असीम अरुण पुलिस कमिश्नर के पद से वीआरएस लेकर भाजपा में शामिल हुए हैं। बताया जा रहा है कि वे सदर विधानसभा से भाजपा की टिकट पर चुनाव लड़ेंगे। इस सीट पर भाजपा के पूर्व विधायक बनवारी लाल दोहरे और तरुण चंद्रा समेत कई लोगों की दावेदारी है। ऐसे में सभी दावेदारों को अपने पाले में लाना असीम अरुण के सामने कड़ी चुनौती है। वे पार्टी के अन्य दावेदारों के साथ सामंजस्य बनाने में जुटे हैं। मंगलवार को पैतृक मकान पर उन्होंने बृजेंद्र सिंह तोमर, जिला महामंत्री भाजपा सौरभ कटियार, रामपाल कुशवाहा, संजय गुप्ता, रामबाबू कटियार, बादाम सिंह और सत्यदेव के साथ मुलाकात की। सूत्रों के अनुसार पार्टी के अन्य नेताओं की दावेदारी के चलते अभी असीम अरुण का क्षेत्र में जनसंपर्क अभियान शुरू नहीं हो सका है।
सूची जारी होने के बाद बच्चों से विमर्श कर लेंगे फैसला
भाजपा से तीन बार विधायक रहे पूर्व बनवारी लाल दोहरे 2017 में सपा के अनिल दोहरे से करीब ढाई हजार वोटों से हार गए थे। क्षेत्र में उनकी अच्छी पकड़ है। बनवारी दोहरे का कहना है कि अभी तक सीट पर उनकी मजबूत दावेदारी है। सूची जारी होने का इंतजार कर रहे हैं। सूची जारी होने के बाद बच्चों से विचार-विमर्श के बाद आगे की रणनीति बनाकर कोई फैसला लेंगे।
इससे पहले भी पूर्व पुलिस अधिकारी लड़ चुके चुनाव
जिले में चुनाव लड़ने वाले पूर्व पुलिस अधिकारी असीम अरुण का कोई नया चेहरा नहीं है। इससे पहले 2012 के विधान सभा चुनाव में कांग्रेस के टिकट पर डिप्टी एसपी से सेवानिवृत्त विश्राम कठेरिया ने चुनाव लड़ा था। उनके पक्ष में राहुल गांधी ने भी जनसभा की थी। इसके बाद भी जीत हासिल नहीं कर सके थे और चौथे नंबर पर उन्हें संतोष करना पड़ा था।
पीआरवी टीम को 10 हजार देकर किया सम्मानित
खाकी से खादी धारण करने वाले पूर्व आईपीएस अधिकारी असीम अरुण ने मंगलवार को पीआरवी टीम को 10 हजार रुपये देकर सम्मानित किया। दरअसल, बस्ता गांव निवासी इसरार अली के छह वर्षीय बेटे साहिल का बाइक सवार दो लोगों ने अपहरण कर लिया था। पीआरवी के सहयोग से साहिल को सकुशल बरामद कर लिया गया था।