अगौस गांव में मैला ढोने पर रोक लगाने के लिए दिनभर पुलिस तैनात रही। इससे मैला ढोने वाली महिला गांव के किसी घर पर मंगलवार को नहीं पहुंची। उधर प्रशासन की सख्ती के चलते मैला ढुलवाने वाले गांव के आठ परिवार दहशत में नजर आए। रिपोर्ट दर्ज होने के खौफ के कारण सभी परिवार नेताओं से संपर्क साधते रहे।
सोमवार की दोपहर दो बजे के करीब जिलाधिकारी के आदेश पर एसडीएम तिर्वा राजेश कुमार यादव व जिला पंचायत राज अधिकारी इंद्रपाल सोनकर जब अगौस गांव पहुंचे तो उन्हें एक महिला सर पर मैला ढोते मिली। अफसरों ने जब महिला से पूछताछ की तो उसने बताया कि गांव के आठ परिवारों के घर में वह चालीस रुपये प्रति माह की मजदूरी पर मैला ढोती है। बाद में दोनों अफसरों ने अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी को दी।
डीएम जगदीश प्रसाद ने इंदरगढ़ थानाध्यक्ष को निर्देश देकर गांव में पुलिस तैनात करने को कहा। निर्देश दिए कि मैला ढोने का मामला यदि सामने आए तो तत्काल परिवार के सदस्यों की गिरफ्तारी की जाए। डीएम के आदेश के बाद इंदरगढ़ पुलिस के सिपाही निगहबानी के लिए गांव पहुंचे।
उधर, मामले में एसडीएम राजेश कुमार यादव ने बताया कि उन्होंने अपने स्तर से अगौस गांव के आठों परिवारों को सख्त हिदायत दी है कि पंद्रह दिनों के भीतर वह अपने घरों में शौचालय का निर्माण करा लें। गांव की महिला से यदि मैला ढोने को कहा तो उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराकर गिरफ्तारी कराई जाएगी।
उन्होंने बताया कि मंगलवार को किसी तरह का मैला ढोने की रिपोर्ट नहीं मिली है। उधर इस मामले में आरोपी आठों परिवारों के सदस्य अपने खिलाफ कार्रवाई किए जाने की आशंका पर मंगलवार को सत्ताधारी दल के नेताओं से संपर्क साधकर सिफारिश करवाते रहे।