फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

प्लास्टिक कचरे से 19 किमी लंबी छह सड़कें बनेंगी

विज्ञापन
पुलिस लाइन से चौधरियापुर जाने वाले मार्ग का हाल। - फोटो : KANNAUJ
विज्ञापन
कन्नौज। शासन के आदेश के बाद तय हुआ है कि जिले में प्लास्टिक कचरे से छह सड़कों का निर्माण कराया जाएगा। इन सड़कों की खासियत यह होगी कि गाड़ी के टायर ज्यादा नहीं घिसेंगे। पीडब्ल्यूडी ने सड़कों के निर्माण का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेज दिया है। बजट मिलते ही निर्माण शुरू हो जाएगा। इन सड़कों की लंबाई दो से चार किमी तय हुई है। प्रयोग सफल रहा तो आने वाले दिनोें में प्लास्टिक कचरे से सड़कों का निर्माण करवाया जाएगा।
विज्ञापन

डिप्टी सीएम व पीडब्ल्यूडी मंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने प्रदेश भर में प्लास्टिक कचरे से सड़कों के निर्माण के आदेश दिए हैं। साथ ही प्रस्ताव बनाकर भेजने के लिए कहा है। डिप्टी सीएम का आदेश मिलते ही पीडब्ल्यूडी के अफसर जर्जर व कम दूरी की सड़कों का प्रस्ताव बनाने में जुट गए। अधिशासी अभियंता सतीश रावत ने बताया कि जिले की छह जर्जर सड़कों को चयनित कर प्रस्ताव भेजा गया है। प्लास्टिक के कचरे में डामर मिलाकर सड़क निर्माण करवाया जाएगा। इन सड़कों की दूरी दो से चार किमी रहेगी। यह प्रयोग पहली बार किया जा रहा है। अगर यह सफल रहा तो आने वाले दिनों में प्लास्टिक कचरे की अहमियत बढ़ जाएगी।
प्लास्टिक के किए जाएंगे महीन टुकड़े
प्लास्टिक कचरे से बनने वाली सड़कों के लिए सबसे पहले प्लास्टिक के छोटे-छोटे टुकडे़ किए जाएंगे। इसके लिए मशीन का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके बाद हॉटमिक्स प्लांट में प्लास्टिक के टुकड़ों को डामर में मिलाकर गर्म किया जाएगा। इससे डामर व प्लास्टिक मिश्रित हो जाएगी। इसके बाद इसे सड़क पर डाला जाएगा।
विज्ञापन

पांच की जगह सात साल चलेंगी सड़कें
प्लास्टिक कचरे को डामर में मिलाकर बनने वाली सड़कों की अवधि लंबी होगी। डामर की सड़कें अधिकतर पांच साल में जवाब दे जाती हैं। प्लास्टिक के कचरे से बनी सड़कों की समय सीमा सात या इससे अधिक साल होगी। इसकी वजह है कि सड़कों पर जलभराव या बारिश से डामर भीग जाता है। अगर पानी ज्यादा दिन भरा रहता है तो सड़क उखड़ने लगती हैं। अगर प्लास्टिक मिश्रित डामर होगा तो पानी भरने पर फर्क नहीं पड़ेगा।
महानगरों में इसी तकनीक से बनी हैं सड़कें
विभागीय सूत्रों ने बताया कि नोएडा, बंगलूरू, दिल्ली समेत बड़े शहरों में प्लास्टिक के कचरे से सड़कों का निर्माण किया गया है। यह डामर की सड़कों की अपेक्षा अधिक समय तक वैसी ही बनी रहती हैं। इसके अलावा डामर की सड़कों पर टायर जल्द घिस जाते हैं। प्लास्टिक के कचरे की सड़कों पर टायर ज्यादा समय तक चलेंगे।
इन सड़कों का किया गया चयन
प्रांतीय खंड दो किमी मियागंज से मढ़हरपुर संपर्क मार्ग, डेढ़ किमी वीपी मार्ग से मेहंदीपुर संपर्क मार्ग, 2.60 किमी जीटी रोड से चौधरियापुर संपर्क मार्ग का नवीनीकरण करवाएगा। इसी तरह निर्माण खंड 4.15 किमी विसधन लखुटिया मार्ग से सोमपुर्वा झौआ-कनौली संपर्क मार्ग, 2.33 किमी वीपी मार्ग से ककरहा बद्दापुर्वा संपर्क मार्ग व निर्माण खंड-एक 6.67 किमी सिकंदरपुर नौली मार्ग से महोई होते हुए विर्रा तक संपर्क मार्ग का निर्माण करवाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें