छिबरामऊ। ग्राम ब्राह्मण नगला में जमानत पर जेल से बाहर आए वृद्ध की गोली लगने से हुई मौत के मामले में पुलिस आत्महत्या की बात कह रही है। वृद्ध की जेब से कारतूस मिलना और आत्महत्या में प्रयुक्त तमंचे का मौके पर न मिलना पुलिस की थ्योरी पर सवाल खड़े कर रहा है।
मैनपुरी जिले के भोगांव थाना के ग्राम मीरपुर निवासी राजकिशोर दुबे (55) कई सालों से अपने बहनोई मनोज दुबे के घर ग्राम ब्राह्मण नगला में रहा रहा था। देर रात गोली चलने की आवाज सुनकर लोग गांव में खड़े पीपल के पेड़ के पास पहुंचे तो रामकिशोर के चबूतरे पर खून से लथपथ हालत में पड़ा देखा था। पुलिस ने जांच पड़ताल की तो उसकी मौत हो चुकी थी। रामकिशोर की जेब से कारतूस बरामद हुआ था।
कोतवाल कपिल दुबे ने बताया कि परिजनों द्वारा राजकिशोर के आत्महत्या करने की लिखित और डिजिटल रूप से पुष्टि की गई है। पुलिस के इसे दावे ने सभी को चकरा दिया कि राजकिशोर की मौत गोली लगने से हुई तो तमंचा कौन उठा ले गया। पुलिस के अनुसार वृद्ध की जेब से कारतूस मिला था। बहरहाल ग्रामीण पुलिस की जांच पर कई सवालिया निशान खड़े कर रहे हैं।
अपर पुलिस अधीक्षक अजय कुमार का कहना है कि प्रारंभिक जांच में आत्महत्या की बात सामने आ रही है। राजकिशोर के भांजे आशू की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। घटना में प्रयुक्त तमंचे की तलाश की जा रही है।
जेल से बाहर आने के बाद हुई मौत, कहीं हत्या तो नहीं
राजकिशोर हत्या के एक मामले में साढ़े सात साल जेल में रहा था और कुछ समय से वह जमानत पर बाहर आया था। पुलिस और परिजनों के मुताबिक वृद्ध सुबह से ही शराब पी रहा था और घटना की रात भी वह शराब के नशे में था। ऐसे में जेल से जमानत पर बाहर आने के बाद उसकी मौत, आत्महत्या के दावे को दरकिनार कर किसी दूसरे पहलू की ओर इशारा कर रही है।