भूख-हड़ताल पर बैठे संविदा कर्मचारी।
- फोटो : अमर उजाला
आउट सोर्सिंग के तहत बिजली विभाग में काम कर रहे संविदा कर्मचारियों ने शोषण और श्रम कानून के उल्लंघन को लेकर अधीक्षण अभियंता कार्यालय के सामने भूख हड़ताल शुरू कर दी है। चेतावनी दी है कि जब तक उनकी समस्याओं का निस्तारण नहीं हो जाता हड़ताल जारी रहेगी। राज्य विद्युत परिषद चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संघ के आवाहन पर बिजली विभाग में आउट सोर्सिंग के तहत काम कर रहे एसएसओ व लाइनमैन ने जिलाध्यक्ष रमेश चंद्र राजपूत की अगुवाई में अधीक्षण अभियंता कार्यालय के सामने भूख हड़ताल शुरू कर दी है।
इसमें लाइनमैन श्रवण कुमार कुशवाहा, दीपक यादव, सर्वेश यादव, अजीत कुमार, वीरेंद्र कुमार के साथ कई अन्य कर्मचारी भी भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। संघ के जिलाध्यक्ष ने बताया कि यह भूख हड़ताल अनिश्चितकालीन है। इसमें बिजली के सब स्टेशनों के संचालन का काम देख रहे संविदा कर्मचारियों का शोषण किया जा रहा है। इससे श्रम कानूनों का उल्लंघन हो रहा है। पावर कार्पोरेशन प्रबंधन ने 18 आदेश कर्मचारियों के लिए किए है लेकिन स्थानीय अधिकारियों द्वारा आदेशों का पालन नहीं किया जा रहा है।
कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें न्यूनतम वेतन के हिसाब से चेक के माध्यम से भुगतान किया जाए। लेकिन कर्मचारियों को केवल चार हजार रुपये का भुगतान किया जाता है। वह भी भुगतान समय पर नहीं दिया जा रहा है। प्रत्येक कर्मचारी के ईपीएफ कटौती का पैसा कर्मचारियों के खाते में नहीं जमा कराया जा रहा है। प्रत्येक कर्मचारी का भवन एवं अन्य कर्मकार बोर्ड में पंजीकरण नहीं कराया गया है। न ही सक्षम अधिकारी द्वारा प्रमाणित परिचय पत्र दिया गया है।
इस तरह के कर्मचारियों के वेतन, बीमा व ईपीएफ के मध्य में करोड़ों रुपये का घोटाला किया जा रहा है। कर्मचारियों ने कहा कि जबतक श्रम कानूनों का पालन कराते हुए अधिकारी घोटाले की जांच नहीं कराते तब तक हड़ताल जारी रहेगी।