कन्नौज। सरकार की नई नीति के तहत जिले की तीनों तहसीलों और आठ ब्लॉकों में स्थायी हेलीपैड का निर्माण किया जाएगा। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य आपदा प्रबंधन, चिकित्सा आपातकाल और महत्वपूर्ण लोगों के आगमन को सुगम बनाना है। डीएम आशुतोष मोहन अग्निहोत्री ने संबंधित अधिकारियों को भूमि चिह्नित करने के निर्देश दिए हैं जबकि लोक निर्माण विभाग को निर्माण की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
जिले में कुल 11 स्थायी हेलीपैड बनाए जाएंगे जिनमें छिबरामऊ, सदर और तिर्वा तहसीलें भी शामिल हैं। साथ ही छिबरामऊ, सदर, उमर्दा, सौरिख, हसेरन, तालग्राम, जलालाबाद और गुगरापुर ब्लॉक भी शामिल होंगे। स्थायी हेलीपैड के निर्माण से किसी भी समय हेलीकॉप्टर की लैंडिंग संभव हो सकेगी। यह कदम प्रशासनिक कनेक्टिविटी को बढ़ाने और आपातकालीन प्रतिक्रिया को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। (संवाद)
लोक निर्माण विभाग को सौंपी गई हेलीपैड निर्माण की जिम्मेदारी
शासन द्वारा हेलीपैड निर्माण की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग को सौंपी गई है। इस योजना का उद्देश्य प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्रियों के अलावा विशेष रूप से चुनावी समय में वीवीआईपी मूवमेंट बढ़ जाता है। इससे प्रशासन को बार-बार अस्थायी व्यवस्था करनी पड़ती है। डीएम और सीडीओ ने उप-जिलाधिकारियों और खंड विकास अधिकारियों को तहसील और ब्लॉक मुख्यालयों के पास भूमि चिह्नित करने के निर्देश दिए हैं।
छिबरामऊ में हेलीपैड के लिए जमीन का निरीक्षण
छिबरामऊ तहसील के अंतर्गत, पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने सौ शैया अस्पताल के पास सरकारी परती भूमि का निरीक्षण किया है। आगामी चुनावों को देखते हुए, छिबरामऊ तहसील के तीनों ब्लॉकों में हेलीपैड का निर्माण प्रस्तावित है। इन हेलीपैड को लिंक रोड के माध्यम से मुख्य सड़कों से जोड़ा जाएगा। छिबरामऊ देहात के अलावा, तालग्राम देहात और सौरिख में भी जमीन की तलाश जारी है। उचित स्थान मिलने पर निर्माण कार्य शीघ्र शुरू किया जाएगा। सीडीओ राम कृपाल चौधरी ने बताया कि जिले की सभी तहसीलों और ब्लॉकों में हेलीपैड निर्माण के लिए जमीन का चिह्मंकन एसडीएम को सौंपा गया है।