कन्नौज। सुगंध एवं सुरस विकास केंद्र (एफएफडीसी) के प्रशिक्षण सभागार में बुधवार को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान इंदौर के 21 प्रशिक्षार्थियों को सुगंधित तेल, फ्रैगरेंस एवं फ्लेवर उद्योग पर दो दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। इसमें भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान इंदौर के डॉ. देवायन सरकार, कनिष्ठ अधीक्षक प्रोफेसर डॉ. हर्षा उपाध्याय सहित 21 लोगों ने प्रतिभाग किया। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य विष्य में आईआईटी इंदौर में सुगंध एवं सुरस विकास केंद्र (एफएफडीसी) के तकनीकी सहयोग से परफ्यूमरी सेंटर की स्थापना कराना है।
एफएफडीसी के केंद्र के निदेशक डॉ. शक्ति विनय शुक्ला ने कहा कि दोनों संस्थान आपस में मिलकर बेहतर कार्य कर सकते हैं। कहा कि इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य सुगंधित तेल, सुगंध एवं सुरस उद्योग को गहराई से जानने तथा भविष्य में आईआईटी इंदौर में सुगंध एवं सुरस विकास केंद्र (एफएफडीसी) के तकनीकी सहयोग से परफ्यूमरी सेंटर की स्थापना कराना है। इससे भारतीय सुगंध व्यवसाय के क्षेत्र को बढ़ावा देने तथा ऐसे नए आयामों और क्षेत्रों पर कार्य करेंगे जिन पर अभी तक कार्य नहीं किया गया है। केंद्र निदेशक ने प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए।
कार्यक्रम के पहले दिन आईआईटी इंदौर के प्रतिभागियों ने एफएफडीसी का दौरा कर उपलब्ध संसाधनों, उत्कृष्ट तकनीकों तथा सुगंध एवं सुरस के क्षेत्र में किए गए कार्यों को जाना तथा भारतीय एरोमा उद्योग में उपलब्ध संभावनाओं में कैरियर के अवसरों को तलाशा गया। इस दौरान डॉ. देवायन सरकार, कनिष्ठ अधीक्षक प्रोफेसर डॉ. हर्षा उपाध्याय, डॉ. नदीम अकबर, उप निदेशक आमोद प्रताप सिंह, वैज्ञानिक अधिकारी कमलेश कुमार, कौशलेंद्र आदि मौजूद रहे।