ब्लाक गेट पर धरना-प्रदर्शन करते रोजगार सेवक।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
रोजगार सेवकों ने गुरुवार को ब्लाक मुख्यालयों पर आवाज बुलंद की। मुख्यद्वार पर तालाबंद कर जमकर नारेबाजी की। अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा।
गुगरापुर ब्लाक मुख्यालय पर ग्राम रोजगार सेवक संघर्ष समिति के ब्लाक अध्यक्ष जितेंद्र कुमार के नेतृत्व में में रोजगार सेवकों ने धरना प्रदर्शन किया। रोजगार सेवकों ने खंड विकास अधिकारी के न होने पर एडीओ संतोष कुमार वर्मा को ज्ञापन सौंपा। धरना प्रदर्शन के दौरान महामंत्री राम लखन, कोषाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार, प्रमोद कुमार, संजीव कुमार, रामसरन, जयवीर, लालू सिंह, आदि रहे।
तेराजाकेट संवाददाता के अनुसार, रोजगार सेवकों ने कर्मचारियों को बाहर कर मुख्यद्वार में ताला जड़ दिया। संसद सदस्य कौशल किशोर ने पत्र के माध्यम से नियमित करने का आश्वासन दिया है। इस दौरान संगठन के ब्लाक अध्यक्ष सर्वेंद्र कुमार, महामंत्री संजीव कुमार, मनोज कुमार, पंकज कुमार, रामप्रकाश, ब्रजमोहन, अमर सिंह, आदि रहे। ब्लाक कार्यालय में अधिकारी न होने पर रोजगार सेवकों ने किसी को ज्ञापन नहीं दिया।
तिर्वा संवाददाता के अनुसार, उमर्दा विकास खंड के 64 रोजगार सेवकों ने प्रदेश व्यापी आंदोलन के तहत गुरुवार की सुबह दस बजे के करीब खंड विकास कार्यालय समेत अन्य सभी कार्यालयों पर ताले जड़ दिए। कार्यालय के सामने बैठकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। धरना प्रदर्शन के दौरान उमर्दा के खंड विकास अधिकारी रामआसरे सिंह को रोजगार सेवकों ने एक ज्ञापन सौंपा। इस दौरान रोजगार सेवक संघर्ष समिति के उमर्दा ब्लाक अध्यक्ष अजय कुमार वर्मा, उपाध्यक्ष अजय पटेल, महासचिव ज्ञानेंद्र यादव, ममता, दिव्या सिंह, संगीता, बबलू यादव, मो.इरफान, आदि रहे।
छिबरामऊ संवाददाता के अनुसार, रोजगार सेवक संघर्ष समिति के अध्यक्ष प्रशांत त्रिपाठी चंदन की अगुवाई में गुरुवार को रोजगार सेवकों ने ब्लाक मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने ब्लाक मुख्यालय में तालाबंद कर दिया दोपहर बाद उन्होंने मुख्यमंत्री को संबोधित नौ सूत्री मांगों को लेकर ज्ञापन खंड विकास अधिकारी को सौंपा।
खड़िनी प्रतिनिधि के अनुसार, विकास खंड सौरिख के ब्लाक मुख्यालय पर रोजगार सेवकों ने तालाबंद कर धरना-प्रदर्शन किया। इसके बाद वरिष्ठ लिपिक विनय मिश्रा को अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा। रोजगार सेवक संघ के ब्लाक अध्यक्ष अनिल राजपूत ने बताया कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गई, तो पांच सितंबर को जिला मुख्यालय फिर 12 सितंबर को लक्ष्मण मेला पार्क लखनऊ में धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।