एक्सईएन कार्यालय के बाहर जुटी ग्रामीणों की भीड़।
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छिबरामऊ (कन्नौज)। करंट की चपेट में आकर संविदा लाइनमैन की मौत के दूसरे दिन मंगलवार सुबह परिजन दर्जनों ग्रामीणों के साथ शव लेकर बिजलीघर पहुंच गए। शव को अधिशासी अभियंता कार्यालय के बाहर रखकर विरोध शुरू कर दिया। परिजन आर्थिक सहायता दिलाने की मांग कर रहे थे। करीब एक घंटे बाद पहुंचे संस्था के ठेकेदार ने पांच लाख का चेक दिया। इसे अधिशासी अभियंता ने मृतक की पत्नी को सौंपा। तब लोग माने। यह शव को अंतिम संस्कार के लिए ले गए।
कोतवाली क्षेत्र के बटेला गांव निवासी हेतराम शाक्य का बेटा सुरजीत कुमार (35) संविदा पर बिजली विभाग में लाइनमैन के पद पर बहवलपुर फीडर पर कार्यरत था। सोमवार को कसावा क्षेत्र के नगला तालपार में लाइन में आई कमी को दूर करने के लिए वह शटडाउन लेकर पोल पर चढ़ा था। लाइन में आए करंट की चपेट में आकर उसकी मौत हो गई थी। मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद परिजन मृतक सुरजीत का शव लेकर नगर के पूर्वी बाईपास स्थित बिजली घर पहुंचे। परिजनों और ग्रामीणों ने बिजली विभाग के अधिशासी अभियंता रविंद्र कुमार के कार्यालय के बाहर शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस बीच भाजपा नेता मुनीष मिश्रा ने परिजनों और ग्रामीणों को समझाया। इसके बाद उच्चाधिकारियों से फोन पर वार्ता की। उन्होंने कहा कि विभागीय स्तर से मृतक के आश्रितों की आर्थिक सहायता कर दी जाए। इस पर अधिशासी अभियंता रविंद्र कुमार ने बताया कि मृतक सुरजीत कुमार चंचल ट्रेडर्स औरैया के आधीन संविदा पर लाइनमैन के रूप में कार्य कर रहा था। ठेकेदार मनोज कुमार शर्मा ने मृतक आश्रित की पत्नी संगीता के नाम पांच लाख का चेक बनाया। इसे अधिशासी अभियंता ने मृतक की पत्नी को सौंपा। उधर, ठेकेदार ने बताया कि मृतक सुरजीत का दो माह का मानदेय भी बकाया है। उसे मृतक की पत्नी के खाते में आरटीजीएस करवा देंगे। चेक प्राप्त होने के बाद परिजन शव को अंतिम संस्कार के लिए घटियाघाट, फर्रुखाबाद ले गए। इस दौरान कोतवाल बलराम मिश्रा, कसावा चौकी इंचार्ज हरिओम गुप्ता समेत पुलिस बल मौजूद रहा।