जिला अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती मरीज।
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बढ़ती गर्मी के प्रकोप से लोग बीमार पड़ रहे हैं। सबसे अधिक टाइफाइड और मलेरिया से पीड़ित लोग अस्पताल पहुंच रहे हैं। निजी अस्पतालों से लेकर सरकारी अस्पतालों में भीड़ को देखते हुए सीएमओ ने सभी चिकित्सा अधिकारियों और चिकित्सकों को अलर्ट कर दिया है।
गर्मी के असर से तेज बुखार के साथ लोगों के शरीर में ऐंठन और उल्टी-दस्त की शिकायतें बढ़ रही हैं। दो दिन के भीतर जिला अस्पताल में मलेरिया और टाइफाइड से पीड़त 80 मरीजों को डाक्टरों ने भर्ती किया है। इन दिनों मौसम तेजी से करवट बदल रहा है। डाक्टरों का कहना है कि वैक्टीरिया तेजी से फैल रहे हैं। इससे वायरल फीवर के साथ टाइफाइड और मलेरिया के मरीज बढ़ रहे हैं। बच्चे सबसे ज्यादा चपेट में हैं। चिकित्सक इलाज के साथ ही बच्चों के तीमारदारों को सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं। जिला अस्पताल के डाक्टर कुमार अर्पित ने बताया कि वैक्टीरिया के चलते टाइफाइड और मच्छर के काटने से मलेरिया बुखार आता है। मौसम बदलने के साथ ही बीमारियां तेजी से पांव पसार रही हैं। टाइफाइड की चपेट में आने के बाद बच्चों के लीवर और आंत में घाव बन जाता है। इससे कठोर चीजें खाने में दिक्कत के साथ पेटदर्द की शिकायत बढ़ जाती है।
यह है टाइफाइड की पहचान
- मरीज को तेज बुखार।
- पेट में दर्द बने रहना।
- उल्टी और सिर में दर्द।
- शरीर में अकड़न।
टाइफाइड से बचने के लिए यह करें उपाय
- शुद्ध पानी पीना चाहिए।
- सप्ताह भर से बुखार है तो जांच कराएं।
- बासी खाना नहीं खाएं।
- खुले में शौच न जाएं।
- खाना खाने से पहले हाथ साफ करें।
- ज्यादा से ज्यादा तरल पदार्थ लें।