उमर्दा। 15 अगस्त को ठठिया क्षेत्र के गांव पुनगरा के की करंट लगने से मौत के बाद गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने बिजली घर के बार शव रखकर जाम लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया था। पुलिस के शव हटाने के प्रयास में भीड़ ने उपद्रव करते हुए मारपीट की थी, जिसमें पुलिस ने 10 नामजद समेत 35 लोगों पर रिपोर्ट दर्ज की थी। अब गांव के लोग दहशत में हैं और पलायन को मजबूर हैं।
ठठिया क्षेत्र के ग्राम पुनगरा निवासी बृजेश की 15 अगस्त को करंट लगने से मौत हो गई थी। परिजनों ने मुआवजा और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग करते हुए शव को बिजली घर के बाहर रखकर जाम लगा दिया था। अराजकतत्वों ने पुलिस व प्रशासन के साथ मारपीट कर पथराव शुरू कर दिया था।
तीन घंटे से अधिक राष्ट्रीय मार्ग पर जाम व पथराव करने के मामले में पुलिस ने 10 नामजद समेत 35 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी थी। वीडियो फुटेज के आधार पर पुलिस ने आरोपियों की धरपकड़ शुरू कर दी है। पुलिस की कार्रवाई से भयभीत होकर पुनगरा गांव के अधिकतम युवा पलायन करने को मजबूर हो गए है।
सोमवार को उमर्दा कस्बा में बस का इंतजार करते हुए युवाओं ने बताया कि घटना के बाद पुलिस रोजाना गांव में दबिश दे रही है, जिस कारण गांव को छोड़कर जाना पड़ रहा है। कोतवाल संजय शुक्ला ने बताया कि पुलिस की कार्रवाई से घबराने की जरूरत नहीं है। निर्दोष लोगों पर कोई भी कार्रवाई नहीं होगी। प्रशासन निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई कर रहा है।