शहर के कुछ मेडिकल स्टोर और डाक्टर क्लीनिक व नर्सिगहोम में पुराने पांच सौ के और हजार के नोट नहीं लिए जा रहे है। इसके चलते तीमारदाराें की परेशानियां बढ़ गई है। उन्हें इलाज कराने के लिए इधर उधर भटकना पड़ रहा है। कुछ लोग मरीज को अस्पताल में भर्ती करवा कर खुद बैंक में रुपये के लिए लाइन लगाने चले जाते है।
कई लोग अस्पतालों से अपने मरीजों की छुट्टी कराकर घर लौट गए है। कुछ मरीजों को छोड़कर बैंको में बाहर लाइन में लगे हुए है। अस्पतालों में कई तीमारदार ऐसे है जिनके पास कैश के रूप में पुराने पांच सौ और हजार के नोट तो है लेकिन उनके बैंक अकाउंट में पर्याप्त रूपये नही है। इसके चलते वह चेक से भुगतान नही कर पा रहे है। वहीं कुछ लोग मरीज को अकेले अस्पताल में छोड़कर बाहर बैंको में लाइन लगाने को मजबूर है।
जिला अस्पताल में पत्नी नन्ही देवी का इलाज करा रहे सदर तहसील क्षेत्र के गांव रामपुर मुढेरा निवासी कृपाल सिंह बतातें है कि देर रात उनकी पत्नी के पेट में दर्द हुआ इलाज के लिए वह उन्हें जिला अस्पताल लेकर आए हैं। जहां इलाज शुरु हो गया। बताया कि डाक्टर ने एक सीरप बाहर से लाने के लिए लिखा था। जब वह लेने गए तो मेडिकल स्टोर वाले ने 500 का नोट लेने से मना कर दिया। बाद में उन्होने जब 100 का नोट दिया तब उन्हें सीरप मिल पाई। उसी वार्ड में इलाज करा रही सोनकली ने बताया कि उनके घर वाले भी पैसो के इंतजाम के लिए एटीएम और बैंको में लाइन में लगे हुए है।