शहर के बोर्डिंग मैदान में पटाखा खरीदते लोग।
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कन्नौज। वायु प्रदूषण की वजह से प्रशासन ने अस्थायी पटाखा दुकानदारों को बिक्री के लिए सिर्फ दो दिन (48 घंटे) का समय दिया है। पटाखा दुकानदारों ने बिक्री के लिए एक माह पहले खरीदारी कर करीब पांच से 10 लाख रुपये फंसा दिए थे। बैंक चालान के लिए 500 रुपये जमा कर दिए। मानक पूरे कर अस्थायी लाइसेंस के लिए कागज लगा दिए। पटाखा दुकानदारों को पुलिस, अग्निशमन से लेकर प्रशासनिक अफसरों की रिपोर्ट लगवाने में तीन हजार से चार हजार रुपये खर्च करने पड़े। कई दुकानदारों को शुक्रवार दोपहर बाद लाइसेंस जारी हो सका। इसकी वजह से इनमें नाराजगी रही।
शुक्रवार को पटाखा बिक्री का लाइसेंस लेने के लिए दुकानदारों की जिले की सभी तहसीलों में भीड़ लग गई। यहां अफसरों के हस्ताक्षर न होने की वजह से लाइसेंस नहीं मिल सका। इन्हें काफी इंतजार करना पड़ा। कई दुकानदारों को दोपहर 12 बजे के बाद लाइसेंस मिल पाया। हालांकि दुकानदारों ने रात में पटाखे की दुकानें सजा ली थीं। लाइसेंस न मिल पाने से कार्रवाई के डर से दुकान से पर्दा नहीं उठाया था। सदर एसडीएम गौरव शुक्ला ने बताया कि सभी को सुबह लाइसेंस दे दिए गए थे। अगर कुछ कमी होगी तो दूर कर लाइसेंस दिया गया होगा। बोर्डिंग मैदान का निरीक्षण किया गया तो सभी मानक पूरे मिले। पटाखा दुकानों पर पूरी नजर रखी जा रही है।
सदर में 80 पटाखा दुकानों को लाइसेंस
सदर एसडीएम गौरव शुक्ला ने बताया कि शहर के बोर्डिंग मैदान में पटाखा दुकानें लगाई गई हैं। 80 दुकानदारों को दो दिन के लिए अस्थायी तौर पर पटाखा बिक्री का लाइसेंस दिया गया है। यह 13 व 14 नवंबर तक मान्य होगा। नियमों का पालन करना होगा।
दुकानों पर हर तरह के बिके पटाखे
शासन ने वायु प्रदूषण को देखते हुए लड़ी वाले पटाखे बेचने पर रोक लगा दी थी। सिर्फ हरित पटाखे बेचने व छुड़ाने की अनुमति दी गई है। इसके बाद भी शहर में सभी पटाखा दुकानों पर लड़ी व तेज धमाके वाले पटाखे दिखे। इन्हें खूब बेचा और खरीदा गया।
पटाखा दुकानों पर नहीं दिखी सामाजिक दूरी
शहर के बोर्डिंग मैदान में लगाई गईं पटाखा दुकानों पर कोविड-19 के नियमों का पालन नहीं हुआ। पटाखा दुकानदारों ने मास्क नहीं लगा रहा था। चूने से निशान भी नहीं बनाए थे। दुकानों पर बिना सामाजिक दूरी के लोगों ने पटाखों की खरीदारी की।