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Kannauj News: 38 स्कूलों की पेयरिंग, 500 मीटर दूर नहीं जा रहे बच्चे

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कन्नौज। सरकार ने 50 छात्रों से कम संख्या वाले स्कूलों को पास के ही स्कूल में मर्ज कर दिया है। इसके बाद एक जुलाई से शिक्षकों व छात्रों को मर्ज वाले विद्यालय में ही शिक्षण कार्य करने के निर्देश दिए गए। इस पेयरिंग नीति का शिक्षक संगठनों से लेकर अभिभावक व ग्रामीण तक विरोध कर रहे हैं। अमर उजाला ने जब जिले के मर्ज स्कूलों की पड़ताल कराई तो पता चला कि बच्चे पास के विद्यालय में जा ही नहीं रहे हैं। एक स्कूल में तो मर्ज के बाद भी पढ़ाई होती हुई मिली। जिले में 38 स्कूलों को मर्ज किया गया है पर कई स्कूलाें में बच्चे अब तक मर्ज वाले विद्यालय में पढ़ने नहीं गए। पेश है पड़ताल करती एक रिपोर्ट-
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कोई जिम्मेदारी लेने वाला तो हो...
ब्लॉक तालग्राम के पूर्व माध्यमिक विद्यालय चौखटा को प्राथमिक विद्यालय में मर्ज किया गया है लेकिन अभी भी बच्चे उसी विद्यालय में पढ़ाई कर रहे हैं। प्रधानाध्यापक राजीव कुमार दुबे ने बताया कि पहले विभागीय उच्चाधिकारी मौके पर आए और प्राथमिक विद्यालय की व्यवस्था देखे वहां कक्ष कम है। वह एक दम पूर्व माध्यमिक विद्यालय कैसे छोड़ दें, इसकी कोई जिम्मेदारी तो ले।

भुरजानी में कम हो गई छात्र संख्या
जलालाबाद ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय को उच्च प्राथमिक विद्यालय भुरजानी में मर्ज किया गया है। प्राथमिक विद्यालय भुरजानी में दर्ज 35 में 26 बच्चे ही उपस्थित थे। बच्चों की संख्या बढ़ने की बजाय कम हो रही है। प्रधानाध्यापक अवनीश कुमार यादव ने बताया की सभी बच्चे उच्च प्राथमिक विद्यालय में आ रहे हैं । बारिश के कारण आज कुछ बच्चे नहीं आए हैं ।
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अभी तक नहीं आया एक भी बच्चा
हसेरन ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय दानपुर का मर्जर उच्च प्राथमिक विद्यालय नादेमऊ में किया गया है। एक जुलाई से अभी कि एक भी बच्चा वहां पढ़ने नहीं गया। प्रधानाध्यापक अशोक कुमार ने बताया कि कई अभिभावकों से बात की, लेकिन अभी तक अभिभावकों ने बच्चों को नहीं भेजा। वहीं, प्राथमिक विद्यालय दानपुर के प्रधानाध्यापक अजीत सिंह अकेले ही स्कूल में बैठ रहे हैं। विद्यालय विलय निर्णय: ग्रामीणों और अभिभावकों का विरोध

अभिभावकों के विरोध से शिक्षक परेशान
गुगरापुर ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय गुलरियनपुरवा को कंपोजिट विद्यालय गोसाईंदासपुर में विलय करने का निर्णय लिया गया है, जिसका ग्रामीणों और अभिभावकों ने विरोध किया है। उनका कहना है कि यह निर्णय बच्चों के भविष्य के लिए हानिकारक होगा। गुलरियनपुरवा विद्यालय में कुल 14 छात्र हैं। विद्यालय में दो शिक्षिकाओं की तैनाती है, जिसमें इंचार्ज प्रधानाध्यापक अंशू गुप्ता और सहायक अध्यापक दीपा कटियार हैं। विरोध के चलते शिक्षक भी परेशान हैं।

शासन के निर्णय का पालन होगा
जिले में 38 स्कूलों का पास के स्कूलों में मर्जर किया गया है और 450 बच्चों की पेयरिंग की गई है। सभी शिक्षकों को बच्चों को बुलाने के निर्देश दिए गए हैं। खंड शिक्षा अधिकारियों को भेजकर मर्जर स्कूलों का निरीक्षण कराया जाएगा। यह शासन का निर्णय है, जिसका पूरी तरह पालन कराया जाएगा।
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-संदीप कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी
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