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कन्नौज: पहले ही कन्नौज एआरटीओ को मिल चुकी क्लीनचिट

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कन्नौज। एक साल पहले छिबरामऊ के घिलोई बस हादसे में जिंदा जली सवारियों के परिजनों के जख्म हरे हो गए। मामले में आरोपी बनाए गए दो एआरटीओ को क्लीनचिट मिलने के बाद यह हादसा फिर सुर्खियों में आया है। इसमें कन्नौज एआरटीओ को पहले की क्लीनचिट दी जा चुकी है।
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10 जनवरी 2020 को फर्रुखाबाद के विमल चतुर्वेदी की एक प्राइवेट लग्जरी बस सवारियां गुरसहायगंज से लेकर होकर जयपुर जा रही थी। इस समय जीटी रोड पर छिबरामऊ के गांव घिलोई के पास रात को ट्रक से टकरा गई थी। हादसे के बाद बस व ट्रक में आग लगने से करीब 10 सवारियां जिंदा जल गई थी। इस मामले में एआरटीओ हसीब खां और शांतिभूषण पांडेय के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई थी। जांच के दायरे में कन्नौज एआरटीओ संजय कुमार झा का भी नाम उछला था। उन पर आरोप था कि आखिर कैसे रोजाना गुरसहायगंज से राजस्थान के लिए बस का संचालन होता रहा, लेकिन उनके और विभाग के किसी भी अधिकारी व कर्मचारी की मिलीभगत में संचालन न होने का साक्ष्य मिलने पर परिवहन आयुक्त के यहां से उन्हें क्लीनचिट पहले ही मिल गई थी। एआरटीओ संजय कुमार झा ने बताया कि चोरी छिपे बस का संचालन होता था। विभाग को जानकारी नहीं थी। डग्गामारी बसों के खिलाफ रोजाना चेकिंग की जा रही है।
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