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मछली पालन कर सालाना हो रही 25 लाख कमाई, रोजगार की राह दिखा रहीं किरन, गूगल दे चुका है बधाई

Fri, 16 Oct 2020 12:03 AM IST
कानपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कन्नौज
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तालाब में बने टापू में बगीचा। संवाद - फोटो : KANNAUJ
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उत्तर प्रदेश के कन्नौज में महिला किसान ने मछली पालन, उद्यानिकी के साथ पर्यटन क्षेत्र विकसित कर मिसाल कायम की है। मछली और फल बेचकर वह सालाना 25 लाख रुपये तक आमदनी करने के साथ मछली पालन के इच्छुक किसानों को प्रशिक्षण भी दे रही हैं। प्रतिदिन कई परिवार तालाब में वोटिंग के साथ बगीचे में घूमने का आनंद उठाने भी पहुंचते हैं।
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तिर्वा तहसील क्षेत्र के बथुइंया गांव की किरन कुमारी राजपूत पत्नी आरएस राजपूत ने वर्ष 2016 में जल प्लावन योजना के तहत प्रशासन ने दो लाख रुपये लिए थे। जमा पूंजी और रिश्तेदारों से उधार लेकर मछली पालन शुरू किया। 25 बीघे के तालाब में काम शुरू करने में 11 लाख रुपये खर्च आया। कुछ मुनाफा होने पर बेटे शैलेंद्र की मदद से व्यापार को बड़ा रूप दिया।

तालाब के बीच में एक बीघा का टापू बनाया। उसमें आम, अमरूद, केला, करौंदा, पपीता, सहजन के पेड़ और फूलाें के 3500 पौधे लगाकर बगीचा बना दिया। पानी के बीच बने इस बगीचे में घूमने के लिए कन्नौज शहर और तिर्वा से परिवार के साथ 50 से 70 लोग प्रतिदिन जाते हैं। बगीचे में घूमने के साथ लोग वोटिंग भी करते हैं।
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किरन ने बताया कि तालाब में कत्तल, नैन, चाइना फिश, सीलन, ग्रास कटर और सिल्वर मछलियां हैं। मछली पालन से हर साल करीब 20 लाख की आमदनी हो जाती है। तीन से पांच लाख रुपये फल बेचकर मिल जाते हैं। मछली पालन के लिए किरन किसानों को प्रशिक्षण भी देती हैं। 

सोलर पंप से भरता तालाब
कक्षा 10 तक पढ़ीं किरन ने बताया कि तालाब के किनारे तीन सोलर नलकूप लगे हैं। जिससे तालाब में पानी भरा जाता है। सोलर नलकूप से बाग में लगे फल-फूलों के पौधों की भी सिंचाई की जाती है। 

प्रेरित होकर शुरू किया मछली पालन
तिर्वा के वकील खां ने बताया कि दो साल पहले दोस्तों के साथ मछली पालन स्थल गए थे। वहां से प्रेरणा लेकर चार बीघा में मछली पालन शुरू किया है। समय-समय पर मछली पालन के बारे में किरन से परामर्श लेते हैं। 

गूगल  दे चुका है पत्र भेजकर बधाई
शैलेंद्र सिंह ने बताया कि एक साल पूर्व गूगल की ओर से पत्र आया था। जिसमें तालाब के बीच में बने टापू और फलों के बाग के सुंदर नजारे की प्रशंसा की गई थी। इसके बाद गूगल के कर्मचारियों ने वेबसाइट में फोटो भी अपलोड की थी।
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