कन्नौज। कोरोना काल में स्वयं सहायता समूहों के जरिये महिलाओं को आर्थिक सशक्त करने की सरकार की योजना फलीभूत होती दिख रही है। यूनिफार्म सिलने, बिजली बिल जमा करने, राशन दुकानों के संचालन के साथ ही सदर ब्लॉक के आठ ग्राम पंचायतों की महिलाएं मनरेगा के कार्यस्थल पर लगाए जाने वाले सीमेंट के बोर्ड भी बना रही हैं। बोर्ड बनाने वाली इन महिलाओं की आर्थिक स्थिति में कुछ ही महीनों अच्छा सुधार आया है।
उपायुक्त स्वत: रोजगार व डीसी एनआरएलएम (राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन) धर्मेंद्र यादव ने बताया जिले में 200 से अधिक स्वयं सहायता समूह संचालित हैं। समूहों में 12 से 15 महिलाएं शामिल हैं। समूह की महिलाओं को प्रशिक्षण के बाद हुनर के हिसाब से काम दिया जाता है।
सदर ब्लाक के मल्लपुरवा, सौंसरी, टिड़ियापुर, हौदापुरवा, हैवतपुर कटरा, पैंदाबाद, बेहरिन व मल्लिकापुर गांवों में समूह की महिलाएं मनरेगा से होने वाले कार्यों का विवरण दर्शाने वाले सीमेेंट के बोर्ड बना रहीं हैं। इन बोर्ड को कार्यस्थलों पर लगाया जाता है। पहले बोर्ड बाजार से खरीदे जाते थे। कोरोना काल में महिलाओं को काम देने के उद्देश्य से बोर्ड बनाने का प्रशिक्षण दिया गया। महिलाओं को बड़ा बोर्ड बनाने में पांच और छोटे बोर्ड के तीन हजार रुपये मिल रहे हैं। भुगतान समूह के खातों में होता है, जिसे महिलाएं आपस में बांटे लेती हैं। बोर्ड बनाने के काम से समूह की महिलाओं की आर्थिक स्थिति में बदलाव आया है।
एक दिन में तैयार होते तीन से चार बोर्ड
एडीओ आईएसबी राजीव दीक्षित ने बताया स्वयं सहायता समूह की महिलाएं साइन बोर्ड बनाने का बेहतर ढंग से कार्य कर रही है। एक समूह में 12 से 15 महिलाओं का ग्रुप होता है। एक समूह तीन से चार साइन बोर्ड बना लेती है। साइन बोर्ड बनाने से बनने वाली धनराशि को आपस में बांट लेती है।