ठठिया (कन्नौज)। खाते समय 16 माह के बच्चे के गले में केला फंस गया, इससे कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई। रो रहे छोटे भाई को चुप कराने के लिए छह वर्षीय बड़े भाई ने उसे केला दे दिया था। बच्चे का शव देखकर मां बेहोश गई।
ठठिया थाना क्षेत्र के गांव पलटेपुर्वा निवासी कालीचरण का 16 माह का बेटा रविवार रात करीब नौ बजे रोने लगा। उसे चुप कराने के लिए छह वर्षीय बड़े भाई छीलकर केला खाने को दे दिया। खाते समय आधा केला बच्चे के गले में फंस गया। इससे उसकी तबियत बिगड़ने लगी।
कालीचरण पास एक निजी चिकित्सक के पास ले गए। चिकित्सक ने केला निकालने का प्रयास किया लेकिन थोड़ी ही देर में बच्चे की मौत हो गई। बेटे का शव देखते ही मां बेहोश हो गई। सोमवार सुबह परिजनों ने अंतिम संस्कार कर दिया।
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फोटो- 25- नाक कान गला विशेषज्ञ डा. मोनिका सचान
दो साल तक के बच्चे को मसल कर दें केला
जिला अस्पताल में तैनात ईएनटी डा. मोनिका सचान ने बताया कि दो साल तक बच्चे को मूंगफली, चना समेत किसी भी प्रकार के दाने व कठोर चीज खाने को न दें। बच्चे को मसल कर केला दे सकते हैं। दो साल तक बच्चे को मां सावधानी के साथ अपनी की निगरानी में ही आहार दे। गले में अगर कुछ फंस जाए तो तत्काल डाक्टर के पास ले जाएं।
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फोटो 24- बाल रोग विशेषज्ञ डा. सुरेश कुमार
बच्चे के गले में कुछ फंसे, तो यह करें उपाय
जिला अस्पताल में तैनात बाल रोग विशेषज्ञ डा. सुरेश कुमार ने बताया कि बच्चों के गले में सिक्का, फल व अन्य चीज फंस जाए तो उसे उल्टा कर पीठ पर हल्की थपकी देनी चाहिए। इसके अलावा बच्चे को सीधा लिटा कर सीने को हल्के से दबाया जाए। उल्टी के जरिए फंसी हुई वस्तु बाहर आ जाएगी। इसके साथ बच्चे को आधा से एक मिनट तक मुंह के बल उल्टा लटका कर भी फंसी वस्तु निकालने का प्रयास किया जा सकता है। सफलता न मिलने पर तत्काल चिकित्सक को दिखाना चाहिए।