हसेरन (कन्नौज)। पट्टी हरपालपुर गांव के पास तिर्वा रजबहा में खांदी कटने से किसानों की सैकड़ों बीघा फसलें जलमग्न हो गईं। खांदी कटने की सूचना के बाद भी सिंचाई विभाग का कोई कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा जिससे किसानों में नाराजगी है।
ग्राम पट्टी हरपालपुर के पास रात के समय तिर्वा रजबहा के कुलाबा नंबर सात पर कुछ अराजकतत्वों ने खांदी काट दी। पानी के तेज कटान के चलते धीरे-धीरे लगभग 10 फुट के क्षेत्र में खांदी फैल गई। सुबह जब किसान खेतों की ओर पहुंचे तो खेतों में पानी भरा देख, उन्हें माइनर में खांदी कटने की जानकारी हुई।
किसानों ने मिलकर खांदी बंद करने का प्रयास किया लेकिन पानी के बहाव के कारण वे सफल नहीं हो सके। पट्टी निवासी किसान नरेंद्र वर्मा ने बताया कि माइनर में खांदी कटने की सूचना सिंचाई विभाग के अधिकारियों को दी लेकिन दोपहर बाद तक कोई भी कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा। खांदी कटने से रामेंद्र सिंह, मनोज सविता, विजय पाल सिंह, खुशीराम, रामपाल, लल्ला पाल, रघुवीर शर्मा व नरेंद्र वर्मा सहित कई किसानों के खेतों में खड़ी धान की फसल जलमग्न हो गई।
हरपालपुर निवासी किसान रघुवीर शर्मा ने बताया कि दो बीघा खेत में पानी भरने से फसल चौपट होने की कगार पर पहुंच गई है। पट्टी निवासी नरेंद्र वर्मा का कहना है कि विभाग की लापरवाही का खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है। सिंचाई विभाग के एक्सईएन पारसनाथ मौर्य का कहना है कि कर्मचारियों की टीम को मौके पर भेजकर खांदी को बंद करवाकर जांच की जाएगी। खांदी काटने वाले अराजक तत्वों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
17 अगस्त को भी हुआ था कटान
ग्रामीणों ने बताया कि 17 अगस्त को भी इसी स्थान पर खांदी कटी थी। खेतों मेें खड़ी फसल जलमग्न हो गई थी। आठ दिनों तक खेतों में पानी भरा रहा था। उसकी नमी अभी खत्म भी नहीं हो पाई थी कि शनिवार की रात फिर से खांदी कटने से खेतों में पानी भर गया है। ऐसी स्थिति में धान की फसल चौपट होने की कगार पर पहुंच चुकी है।