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राजकीय सम्मान से हुआ शहीद का अंतिम संस्कार

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शहीद वीरपाल सिंह को पुष्पचक्र अर्पित करते सहकारिता मंत्री मुकुट बिहारी वर्मा। संवाद - फोटो : CHIBRAMAU
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हसेरन (कन्नौज)। जम्मू-कश्मीर के राजौरी सेक्टर के सुंदरबनी बॉर्डर पर पैट्रोलिंग करते समय खाई में गिरकर शहीद हुए वीरपाल सिंह का पैतृक गांव में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। बेटे चमन ने चिता को मुखाग्नि दी। बीएसएफ जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। सहकारिता मंत्री मुकुट बिहारी वर्मा समेत बड़ी संख्या में लोगों ने शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित की।
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शुक्रवार की सुबह छह बजे बीएसएफ के इंस्पेक्टर कर्मवीर, दिल्ली 25 बटालियन छावड़ा के इंस्पेक्टर मदन राणा, हेड कांस्टेबल प्रदीप कुमार, सोमवीर, राधेश्याम, नीरज कुमार, अजीत सिंह, विजय, रमेश व महेश शहीद वीरपाल सिंह का शव लेकर भग्गीपुर्वा गांव पहुंचे। पिता के शव को देखकर बेटा चमन बेसुध हो गया।
कुछ देर में डीएम राकेश कुमार मिश्रा, एसपी अमरेंद्र प्रसाद सिंह, तिर्वा एसडीएम जयकरन, तहसीलदार मोहित लाल वर्मा, सीओ छिबरामऊ शिव कुमार थापा, सौरिख के प्रभारी निरीक्षक विजय बहादुर वर्मा भग्गीपुर्वा गांव पहुंच गए। दोपहर को सहकारिता मंत्री मुकुट बिहारी वर्मा, सांसद सुब्रत पाठक, तिर्वा विधायक कैलाश राजपूत, पूर्व विधायक अरविंद प्रताप सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष नरेंद्र सिंह राजपूत, पूर्व विधायक बनवारी लाल दोहरे, पूर्व जिलाध्यक्ष आनंद सिंह, तिर्वा ब्लाक प्रमुख अजय वर्मा, पूर्व सांसद प्रो. रामबख्श सिंह वर्मा, देशराज पाल, नवाब सिंह यादव, पूर्व राज्यमंत्री विजय बहादुर पाल, इंजी. अनिल पाल और राजेश पालगांव भी गांव पहुंचे। नेताओं ने पुष्प चक्र अर्पित कर शहीद को श्रद्धांजलि दी। सेना के अफसरों ने शहीद के बेटे को तिरंगा भेंट किया। बीएसएफ के जवानों ने गॉर्ड ऑफ ऑनर और पुलिस लाइन की टीम ने शस्त्र सलामी दी।
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शहीद के अंतिम दर्शन को टूटी दलीय सीमाएं
शहीद वीरपाल सिंह के अंतिम दर्शनों के लिए दलीय सीमाएं टूट गईं। भाजपा, सपा, बसपा, कांग्रेस सभी दलों के समर्थक व नेता शामिल हुए। भारी भीड़ के चलते गांव में पुलिस सुरक्षा के भी तगड़े इंतजाम किए गए थे।
शहीद के नाम से गांव में बनेगी सड़क
सहकारिता मंत्री मुकुट बिहारी वर्मा ने शहीद की पत्नी राममूर्ति को 35 लाख और मां विद्यावती को 15 लाख रुपये का चेक दिया। उन्होंने बताया कि बेटे को सरकारी नौकरी दी जाएगी और शहीद के नाम से गांव में पक्की सड़क भी बनवाई जाएगी। उन्हाेंने वीरपाल सिंह की शहादत को देश पर कर्ज बताया। परिजनों को आश्वासन दिया कि प्रदेश सरकार हर दुख-दर्द में उनके साथ है और उनकी मदद को सरकार के दरवाजे खुले रहेंगे।
शहीद प्रदीप का स्मारक बनाने को मंत्री से मिले परिजन
पुलवामा हमले में शहीद प्रदीप यादव के परिजन सहकारिता मंत्री मुकुट बिहारी वर्मा से मिलने पहुंचे। शहीद के पिता अमर सिंह यादव व भाई कुलदीप यादव ने बताया कि अभी तक शहीद स्मारक नहीं बनवाया गया है। सांसद सुब्रत पाठक, विधायक कैलाश राजपूत ने डीएम राकेश मिश्रा से जल्द ही प्रदीप यादव के नाम से शहीद स्मारक बनवाए जाने की बात कही। डीएम ने बताया कि शहीद की पत्नी व पिता में सहमति न होने से स्मारक का काम रुका हुआ है। सहमति बनती है तो जल्द कार्य पूर्ण करा दिया जाएगा।
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