फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

किसानों की कमाई बढ़ाएगा ताइवान का पपीता

विज्ञापन
ताइवान का पपीता। - फोटो : KANNAUJ
विज्ञापन
कन्नौज। सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर वेजिटेबल उमर्दा में ताइवान की रेड लेडी प्रजाति के पपीते की 20 हजार पौध तैयार की गई है। इसमें पांच हेक्टेयर रकबे में 16 हजार पौध जिले में लगाई जाएगी। इसके अलावा औरैया, इटावा और कानपुर के किसानों को भी पौध मुहैया कराई जाएगी। उद्यान विभाग की ओर से किसानों को पौध उपलब्ध कराई जा रही है।
विज्ञापन

सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर वेजिटेबल के डायरेक्टर दलगंजन सिंह ने बताया कि किसानों को विदेशी प्रजातियों से जोड़ने का मकसद उनकी आय को बढ़ाना है। उन्होंने बताया कि किसानों को पौधा के साथ खाद भी उपलब्ध कराई जाएगी। उन्नत तकनीक से पैदावार करने के लिए किसानों को प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। उपज बेचने के लिए मार्केटिंग की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।
जिला उद्यान अधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि ताइवान पपीता एक साल के अंदर तैयार हो जाएगा। पौधे एक क्विंतल से अधिक फल देंगे। इससे किसान को एक एकड़ में पांच लाख से अधिक रुपये की आय होगी।
विज्ञापन

करीब 50 फीसदी अनुदान देगा उद्यान विभाग
विदेशी पपीता की खेती को बढ़ावा देने के लिए जिला उद्यान विभाग किसानों से प्रति हेक्टेयर पपीता लगाने पर 21 हजार रुपये का अनुदान देगा। जिला उद्यान अधिकारी ने बताया कि करीब 42 हजार रुपये लागत आएगी।
ताइवान पपीता की विशेषता
देशी पपीता के मुकाबले ताइवान का पपीता अधिक प्रोटीन युक्त है। इसमें मिठास 19 फीसदी होती है। इसके अलावा भरपूर कैरोटीन है। इसके सेवन से पेट में अल्सर से लेकर पेट की बीमारियां जल्दी ठीक हो जाती हैं। सुबह रोजना पपीता खाने से जल्द से जल्द व्यक्ति निरोग हो जाएगा।
चाइनीज सब्जियों भी तैयार कीं
कन्नौज। सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर वेजिटेबल ने चाइनिज ब्रोकली, लाल पत्ता गोभी, पीली पत्ता गोभी उगाई है। सबसे खास सब्जी चाइनीज सलाद की तैयार की है। डायरेक्टर ने बताया कि सब्जियों के साथ सलाद में इनका सेवन किया जाता है। इन पत्तों में खीरा, टमाटर, प्याज और मूली जैसे एक साथ पोषक तत्व हैं। पौध को तैयार किया जा रहा है। जल्द जिले के किसानों को वितरित कर कर सब्जियों को उगाया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें