कन्नौज। अब जिले में होने वाली हर छोटी-बड़ी घटना के बारे में डीजीपी ऑनलाइन निरीक्षण कर करेंगे। साथ ही घटना के संबंध में बीट सिपाही अपने पुलिस कप्तान से लेकर डीजीपी तक सीधे बात कर भी सकेंगे। इसके लिए पुलिस एवं तकनीकी सेवाएं उत्तर प्रदेश ने प्रहरी एप लांच किया है। एक सितंबर से यह व्यवस्था लागू हो जाएगी।
मौजूदा समय जिले में 640 सिपाहियों पर पर क्षेत्रवार बीट की जिम्मेदारी है। इस बीट व्यवस्था को ज्यादा से ज्यादा प्रभावशाली बनाने के लिए हर थाने की सभी बीट की प्रहरी ऐप से जियो टैगिंग व जियो फेंसिंग की जाएगी। ऐप में सिपाही बीट पर दिनभर होने वाले आयोजन, घटनाओं, प्रमुख स्थानों, बीट से जुड़े अपराधियों, संवेदनशील और अतिसंवदेनशील स्थानों के बारे में जिले के कप्तान और डीजीपी को ऐप के जरिए बता सकेंगे। ऐप में अपराध के
मुताबिक अलग-अलग श्रेणियां तय की गई हैं। इसमें सिपाही और जिले के कप्तान से लेकर डीजीपी तक को संदेश भेजने की व्यवस्था की गई है। लूट, हत्या व डकैती जैसे गंभीर अपराध के मामले में सिपाही मौके पर जाकर फोटो और संदेश ऐप पर फीड करके जघन्य विकल्प को क्लिक करेगा तो घटना की सूचना इलाके के एसओ से लेकर डीजीपी तक पहुंच जाएगी। इसके बाद डीजीपी से लेकर महकमे के अन्य बड़े अफसर ऑनलाइन ऐप की मदद से घटनास्थल का मुआयन कर सकेंगे। पूरे प्रदेश में एक सितंबर से बीट सिपाहियों के मोबाइल पर प्रहरी ऐप डाउन लोड कर इस काम करना शुरू करा दिया जाएगा। एएसपी विनोद कुमार ने बताया कि प्रहरी ऐप के बारे में पुलिस मुख्यालय लखनऊ से जानकारी दी गई है। कब से प्रहरी ऐप लागू हो रहा है इसका अभी तक लिखित आदेश नहीं आया है।
कन्नौज। कानपुर के बिकरू में हुए कांड के बाद उत्तर प्रदेश एवं पुलिस तकनीकी सेवाओं ने प्रहरी ऐप को इजाद किया है। अगर पुलिस टीम चारों ओर से घिर जाती है या फिर अपराधियों की घेराबंदी करने की जरूरत पड़ रही है, तो प्रहरी एप पर कोई भी सिपाही विकल्प में दिए स्थान पर मैसेज पोस्ट कर सकता है। इसके बाद स्वयं इलाके इलाके की लोकेशन आसपास के थाना प्रभारियों से लेकर अधिकारियों तक पहुंचेगी। इससे आसानी से स्पॉट पर पहुंच सकेंगे। जिससे तत्काल कानून-व्यवस्था को नियंत्रित किया जा सके।
कन्नौज। प्रहरी ऐप में सिपाही को सूचना देने के लिए चार विकल्प दिए गए हैं। इसमें रिपोर्ट विकल्प में सिपाही को घटना के प्रकार, घटनास्थल का विडियो और फोटो अपलोड करनी होगी। दूसरे विकल्प रिपोर्ट ड्यूटी में सिपाही को यह बताना होगा कि उसकी ड्यूटी कहां है? अगर वह धरना प्रदर्शन या कानून व्यवस्था से जुड़ी किसी ड्यूटी पर है तो उसे फीड करना होगा। संदेश विकल्प के जरिए वह आपात स्थिति में किसी भी तरह का मैसेज अधिकारियों को भेज सकेगा। चौथे विकल्प जियोटैगिंग के जरिए वह अपनी बीट के सभी प्रमुख स्थानों को अपडेट करेगा।