कन्नौज। नगर पालिकाध्यक्ष की चाची को रिकवरी को जब नोटिस थमाया गया तो उन्होंने अपने बचाव में एडीएम कोर्ट में अर्जी दाखिल कर दी। सुनवाई में उन्होंने पति से अनबन की बात बताई। इसलिए उन्होंने आवास के लिए आवेदन किया था। आवास मिला तो उन्हें अपात्र कर दिया गया। साथ ही जांच टीम पर आरोप लगाए कि उन्होंने पड़ताल किए बगैर ही अपात्र घोषित कर दिया है, जो अनुचित है।
नगर पालिकाध्यक्ष शैलेंद्र अग्निहोत्री की चाची कल्पना अग्निहोत्री पत्नी संजय अग्निहोत्री प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के तहत लाभान्वित किया था। डीएम राकेश कुमार मिश्रा ने अमर उजाला की खबर को संज्ञान में लेकर तत्कालीन सदर एसडीएम शैलेष कुमार को जांच कर रिपोर्ट देने के आदेश दिए। एसडीएम ने इसकी जांच नायब तहसीलदार भूपेंद्र सिंह, ईओ संजय गौतम, कानून गो हरेश शर्मा, क्षेत्रीय लेखपाल राहुल गौतम ने पूरे मामले की जांच की। इसमें पालिकाध्यक्ष चाची के पास पहले से दो मंजिला पक्का मकान होने समेत अन्य संसाधन होने पर उनके अपात्र घोषित कर डीएम को जांच रिपोर्ट सौंप दी गई। डीएम के आदेश पर कल्पना अग्निहोत्री की दूसरी किस्त रोककर रिकवरी के आदेश कर दिए गए। पालिकाध्यक्ष की चाची ने अपने बचाव में एडीएम कोर्ट में अर्जी दी। इसकी सुनवाई एडीएम गजेंद्र कुमार ने की। इसमें उन्होंने अपना पक्ष यह रखा कि उनकी पति संजय अग्निहोत्री से अनबन रहती है। इसलिए वह अलग मकान बनाकर रहना चाहती है। साथ ही जांच टीम पर आरोप लगाए कि टीम ने उनके इस बारे में कोई पूछताछ नहीं की। ईओ संजय कुमार गौतम ने बताया कि उन्हें एडीएम कार्यालय से इस संबंध में पत्र मिल गया है। वह जल्द पूरे प्रकरण की जांच रिपोर्ट एडीएम को सौंप देंगे। गौरतलब है कि अमर उजाला ने 23 जून के अंक में पेज संख्या दो पर पालिकाध्यक्ष की चाची को गरीब बता दे दिया प्रधानमंत्री आवास की खबर को दो फोटो समेत लीड प्रकाशित किया था।
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