कन्नौज। आगरा लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर हादसों का सफर बन गया है। रोजाना हो रहे हादसों में लोगों की जान जा रही है। पांच दिन में हुए सात हादसों में नौ लोगों की जान चुकी है। जबकि 65 से अधिक लोग घायल हो चुके हैं।
आगरा लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर हादसे रोकने के लिए रंबल स्ट्रिप, स्पीड रडार, कैमरे और रेस्ट एरिया निर्धारित किए गए हैं। इसके बाद भी रोजाना बड़ी संख्या में हादसे हो रहे हैं। यूपीडा और स्थानीय प्रशासन जिले में आगरा लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर होने वाले हादसों की रोकथाम के लिए टीमें भी 24 घंटे गश्त करती है। इसके बाद भी हादसों की संख्या में कमी नहीं आ रही है। यूपीडा के सुरक्षा अधिकारी मनोहर सिंह का कहना है कि एक्सप्रेस-वे
पर अक्सर तेज रफ्तार के चलते हादसे होते हैं। कई चालक जिग जेग की तरह गाड़ी चलाकर लेन बदलते रहते हैं। जिससे भी हादसे होते हैं। सबसे अधिक हादसों का कारण चालक के थकान में होने के कारण झपकी आ जाना भी है। जिससे कार डिवाइडर या अन्य वाहनों से टकरा कर हादसों का शिकार हो जाती है। एसपी अमरेंद्र प्रसाद सिंह ने
बताया कि टोल प्लाजा पर ट्रैफिक पुलिस की ओर से सुरक्षित यात्रा करने के पोस्टर और होर्डिंग्स भी लगाए गए हैं। इसके बाद भी लोग मनमाने ढंग से वाहन चलाते हैं और हादसे का शिकार होते हैं। हादसों की रोकथाम के लिए एक्सप्रेस-वे पर बाइकों के प्रवेश पर भी प्रतिबंध लगा है।
19 जुलाई: सौरिख के रसूलपुर के पास बिहार से दिल्ली जा श्रमिकों से भरी डबल डेकर बस के दुर्घटनाग्रस्त होने से आठ श्रमिकों की मौत। हादसे में 40 से अधिक लोग हुए घायल।
20 जुलाई: आगरा लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर पश्चिम बंगाल से अलीगढ़ श्रमिकों को लेकर जा रही डिवाडर से टकराई। हादसे में पांच श्रमिक हुए घायल
21 जुलाई: ठठिया के बहसुईया गांव के पास अनियंत्रित कार पलटने से सुल्तानपुर की महिला की मौत, परिवार के पांच गंभीर रूप से हुए घायल
22 जुलाई: तालग्राम के भवनियापुर गांव के पास कार पलटने से लखनऊ के छह लोग घायल, सौरिख के पास कार पलटने से पांच लोग घायल
23 जुलाई: ठठिया कस्बा के पास अनियंत्रित कार पलटने से छत्तीसगढ़ निवासी युवक घायल, वहीं एक अन्य हादसे में राजस्थान से बिहार श्रमिकों को ले जा रही डबल डेकर बस ट्रक में घुसी, हादसे में चालक समेत पांच श्रमिक हुए घायल
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