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कन्नौज। बीएसए ने दो नोटिस अंतिम और बर्खास्तगी की नोटिस देने के बाद भी देंवेद्र न तो कार्यालय आए और न ही नोटिस का कोई जवाब दिया। निर्धारित समय सीमा से अधिक समय बीत जाने के बाद विभाग लगातार समय बढ़ाने में लगा है। इससे साफ जाहिर कि बेसिक शिक्षा विभाग देवेंद्र को बचाने का प्रयास में जुटा है।
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बीएसए केके ओझा ने बताया ब्लाक गुगराुपर के गुरगुजपुर में तैनात शिक्षक देवेंद्र प्रताप सिंह हैं। सूबे में अनामिका शुक्ला प्रकरण के चर्चित होने के बाद शासन ने स्कूलों में तैनात सभी शिक्षकों की जांच की जा रही है। मानव संपदा पोर्टल पर सत्यापन में 28 जून को देवेंद्र प्रताप सिंह के मैनपुरी के सुलतानगंज और गुरगुजपुर में तैनात देवेंद्र प्रताप सिंह के सत्यापन में पैन नंबर एक व अभिलेख एक मिले। गड़बड़ी की आशंका पर शिक्षक को नोटिस भेजी
थी। पांच दिन बाद न आने पर दूसरी नोटिस दी गई। इसका भी समय पूरा हो गया है लेकिन शिक्षक मूल शैक्षिक अभिलेख लेकर प्रस्तुत नहीं हुए। इससे गड़बड़ी की आशंका पर बीएसए ने देवेंद्र को आठ जुलाई को बर्खास्तगी का अंतिम नोटिस जारी किया। इसमें सात दिन का समय दिया है। यह नोटिस डाक व खंड शिक्षा अधिकारी अविनाश
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दीक्षित को स्वयं तामील कराने के आदेश दिए गए हैं। बीएसए के हिसाब से सात दिन का समय 15 जुलाई का पूरा हो रहा था, लेकिन बीएसए से जब बात की तो उन्होंने 22 जुलाई को बर्खास्तगी की दूसरा नोटिस देने की बात कही। 23 जुलाई हो जाने पर न तो देवेंद्र को दूसरा नोटिस दिया गया न ही उसके कार्यालय आने पर बर्खास्तगी की कार्रवाई की गई।
बीएसए ने बताया कि शिक्षक पर कार्रवाई करने पर वह अक्सर कोर्ट चले जाते हैं। ऐसे में अगर बिना नोटिस दिए कार्रवाई कर देंगे तो कोर्ट सवाल-जवाब करेंगे। इसलिए यह कार्रवाई चल रही है। जल्द ही शिक्षक पर कार्रवाई की जाएगी।
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